Research on Covid-19 Virus: खतरनाक है कोरोना का यह रूप, धीरे-धीरे यूं जाती है जान

Updated at : 28 Apr 2020 12:47 PM (IST)
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Research on Covid-19 Virus: खतरनाक है कोरोना का यह रूप, धीरे-धीरे यूं जाती है जान

research on covid-19 virus: चीन (Coronavirus in chins) के वुहान (wuhan coronavirus) से पूरी दुनिया में फैले नोवल कोरोना वायरस (covid-19 in india) ने सबको परेशान करके रख दिया है. यदि आपको याद हो तो दिसंबर 2019 में चीन के हुबेई प्रांत के वुहान में इसका पहला केस सामने आया था जिसके बाद शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह इतना भयावह रूप ले सकता है.

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research on covid-19 virus: चीन के वुहान से पूरी दुनिया में फैले नोवल कोरोना वायरस (covid-19 in india) ने सबको परेशान करके रख दिया है. यदि आपको याद हो तो दिसंबर 2019 में चीन के हुबेई प्रांत के वुहान में इसका पहला केस सामने आया था जिसके बाद शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यह इतना भयावह रूप ले सकता है. इतना ही नहीं, यह जानलेवा वायरस खुद में लगातार बदलाव कर रहा है और अबतक 10 अलग-अलग अवतार कर चुका है. इसी में इसका एक रूप है A2a।…अभी इस वायरस के 11 प्रकार हैं. इस बात का खुलासा एक शोध में हुआ है. शोध से यह बात सामने आयी है कि A2a टाइप वायरस बहुत घातक होता है. यह पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा संक्रमण फैलाने का काम कर रहा है.

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नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जिनोमिक्स, कल्याणी बंगाल (NIBG) के एक शोध से यह जानकारी निकलकर सामने आयी है कि A2a वायरस अन्य वायरस की तुलना में खतरनाक है जो पूरी दुनिया में फैल गया है. निधान विस्वास और प्रथा मजूमदार की यह रिसर्च इंडिनय जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में जल्द ही प्रकाशित की जाएगी. शोध के बाद यह बात सामने आयी है कि A2a वायरस काफी घातक है जो मनुष्यों के फेफड़े में बड़े पैमाने पर घुसपैठ कर सकता है और नुकसान पहुंचा सकता है.

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पिछले SARSCoV वायरस की बात करें तो इसने दस साल पहले 800 लोगों की जान ली थी. यही नहीं इसने 8 हजार से ज्यादा लोगों को संक्रमित भी किया था. उसने भी मनुष्यों के फेफड़े में घुसपैठ की क्षमता विकसित कर ली थी. हालांकि उसकी क्षमता थोड़ी कम थी. या यूं कहें कि SARSCoV वायरस की क्षमता A2a वायरस जितना नहीं थी. शोध के मुताबिक, A2a वायरस का तेजी से प्रसार होता है. कोविड-19 का यह टाइप पूरी दुनिया में फैलता जा रहा है और लोगों की जान ले रहा है.

विस्वास और मजूमदार के रिसर्च की बात ये बात कही जा रही है कि इससे कोरोना के लिए वैक्सीन बनाने वाले वैज्ञानिकों को मदद मिल सकती है. शोध की मानें तो, पिछले 4 महीने में कोविड-19 वायरस के 10 प्रकार अपने पुराने ‘O’ टाइप के नजर आ रहे थे. इसके बाद मार्च के आखिरी सप्ताह से A2a ने पुराने वायरस की जगह लेनी शुरू की और पूरी दुनिया में तबाही मचाने लगा.

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Amitabh Kumar

लेखक के बारे में

By Amitabh Kumar

डिजिटल जर्नलिज्म में 14 वर्षों से अधिक का अनुभव है. करियर की शुरुआत Prabhatkhabar.com से की. राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों पर अच्छी पकड़ है. राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर गहन लेखन का अनुभव रहा है. तथ्यपरक रिपोर्टिंग और विश्लेषणात्मक लेखन में विशेष रुचि है. ट्रेंडिंग और ब्रेकिंग खबरों पर लगातार फोकस रहता है.

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