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Congress: मनरेगा बहाल होने तक जारी रहेगा कांग्रेस का संघर्ष

Updated at : 10 Jan 2026 7:32 PM (IST)
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Congress: मनरेगा बहाल होने तक जारी रहेगा कांग्रेस का संघर्ष

कांग्रेस ने मनरेगा को खत्म करने के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत शनिवार को देश के सभी जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के साथ मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत हुई. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस संघर्ष को निर्णायक परिणाम तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.

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Congress: मनरेगा को खत्म कर केंद्र सरकार जी राम जी कानून लाने का काम किया है. केंद्र सरकार के नये कानून का विरोध कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल कर रहे हैं. कांग्रेस ने मनरेगा को खत्म करने के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत की है. इस अभियान के तहत शनिवार को देश के सभी जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के साथ मनरेगा बचाओ संग्राम की शुरुआत हुई. 
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस संघर्ष को निर्णायक परिणाम तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. जब तक मोदी सरकार द्वारा मनरेगा पर बुलडोजर चलाकर छीने गए काम के अधिकार, आजीविका और जवाबदेही को पूरी तरह बहाल नहीं किया जाता कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा. 

गौरतलब है कि मनरेगा की जगह संसद के शीतकालीन सत्र में जी राम जी कानून पारित किया गया. विपक्षी दलों ने इस कानून का जमकर विरोध करते हुए इसे गरीबों के खिलाफ बताया. वहीं सरकार का कहना है कि मनरेगा कानून में कई तरह की खामियां है और इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हो रहा है. इस भ्रष्टाचार को रोकने और गरीबों के हित में नया कानून बनाया गया है. नये कानून से ग्रामीण क्षेत्र में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के साथ रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे और यह कानून गरीबी को दूर करने में सहायक होगा. विपक्ष के मनरेगा खत्म करने को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए भाजपा की ओर से भी राष्ट्रीय स्तर पर नये कानून की खूबियों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत पार्टी नये कानून की खूबियों से लोगों को अवगत कराने का काम कर रही है. 


मनरेगा खत्म करने को लेकर कांग्रेस के अहम सवाल

कांग्रेस का आरोप है कि मनरेगा के तहत हर परिवार को न्यूनतम 100 दिनों के काम की कानूनी गारंटी थी और यह गारंटी देश के हर गांव के लिए एक समान थी. लेकिन नये कानून के तहत लोगों को काम की कानूनी गारंटी नहीं मिलेगी और अब सिर्फ काम वैसे गांवों में मिलेगा, जिसे मोदी सरकार चुनेगी. मनरेगा के तहत मजदूर पूरे साल काम की मांग कर सकते थे. कानून के न्यूनतम मजदूरी की गारंटी मिली थी. लेकिन अब फसल कटाई के मौसम में काम नहीं मिलेगा और मोदी सरकार अपने तरीके से मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तय करेगी.


कांग्रेस का आरोप है कि मनरेगा के तहत पंचायत के जरिये ही मजदूरों को गांव में काम मिलता था, लेकिन नये कानून के तहत कहां और क्या काम करना है यह ठेकेदारों के जरिये तय होगा. साथ ही पहले मनरेगा मजदूरों का पूरा भुगतान केंद्र सरकार करती थी और इसलिए राज्य सरकार बिना किसी वित्तीय परेशानी के काम मुहैया कराती थी. नये कानून के तहत अब राज्य सरकारों को 40 फीसदी राशि देनी होगी. ऐसे में राज्य सरकार खर्च बचाने के लिए काम देने से परहेज कर सकती हैं. कांग्रेस पार्टी की मांग है कि मनरेगा को तत्काल बहाल किया जाए. काम की गारंटी, मजदूरी की गारंटी, जवाबदेही की गारंटी सुनिश्चित हो और न्यूनतम वेतन 400 रुपये किया जाए. 

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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