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Lok Sabha Election 2024: BJP पर जमकर बरसे कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश-ईडी का ऐसा दुरुपयोग देश में कभी नहीं हुआ

Updated at : 19 May 2024 5:54 PM (IST)
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Jai ram Ramesh

कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा है. रमेश ने भाजपा को आदिवासियों का हक छीनने वाली पार्टी कहा है.

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Lok Sabha Election 2024: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर यह आरोप लगाया कि वे सरकारी एजेंसियों ईडी, सीबीआई और आईटी का दुरुपयोग कर रही हैं, ऐसा देश में कभी नहींं हुआ है. सरकार ने ईडी रेड कराकर झारखंड के सीएम को जेल भेजा, दिल्ली के सीएम के खिलाफ कार्रवाई करके उन्हें जेल भेजा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ये कहते हैं कि अडाणी और अंबानी टेंपो में काला धन भरकर कांग्रेस के पास भेज रही है. मेरा उनसे यह सवाल है कि जब देश में कालाधन है तो फिर नोटबंदी का क्या फायदा हुआ? वे तो यह कह रहे थे कि नोट बंदी से कालाधन समाप्त हो जाएगा.

वन संरक्षण अधिनियम पर पूछे सवाल

न्यूज एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में जयराम रमेश ने कहा कि मोदी सरकार के वन संरक्षण संशोधन अधिनियम ने 2006 के ऐतिहासिक वन अधिकार अधिनियम की प्रगति को नष्ट कर दिया है. कांग्रेस ने भाजपा पर आदिवासियों के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया. उन्होंने प्रधानमंत्री से पूछा कि पीएम बताएं कि आदिवासियों को उनकी धार्मिक पहचान से वंचित क्यों किया है और सरना कोड को मान्यता देने से इनकार क्यों किया जा रहा है?’जयराम रमेश ने आगे कहा कि पिछले साल मोदी सरकार ने वन संरक्षण संशोधन अधिनियम पारित किया था, जिसने ऐतिहासिक वन अधिकार अधिनियम 2006 की प्रगति को खत्म कर दिया.

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सरना धर्म कोड को मान्यता देने से इनकार क्यों?

गौरतलब है कि जयराम रमेश ने रविवार को एक्स पर पोस्ट लिखकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा. उन्होंने प्रधानमंत्री की घाटशिला रैली से पहले उनसे कुछ सवाल पूछे और उनपर तीखा हमला बोला. उन्होंने पूछा कि आखिर क्यों प्रधानमंत्री आदिवासियों का हित नहीं चाहते? अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि झारखंड के वर्षों से सरना धर्म को मानते आ रहे हैं. वे अपनी विशिष्ट धार्मिक पहचान को आधिकारिक रूप से मान्यता देने की मांग कर रहे हैं. लेकिन, जनगणना के धर्म कॉलम से ‘अन्य’ विकल्प को हटाने के हालिया निर्णय ने सरना अनुयायियों के लिए दुविधा पैदा कर दी है.

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Kushal Singh

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By Kushal Singh

Kushal Singh is a contributor at Prabhat Khabar.

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