ePaper

प्रियंका गांधी को EC के नोटिस पर कांग्रेस-भाजपा में बढ़ी तकरार, एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप-प्रत्यारोप

Updated at : 15 Nov 2023 4:36 PM (IST)
विज्ञापन
प्रियंका गांधी को EC के नोटिस पर कांग्रेस-भाजपा में बढ़ी तकरार, एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप-प्रत्यारोप

कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने अपने आरोप में कहा कि भाजपा को प्रियंका गांधी वाड्रा के अभियान से खतरा महसूस हो रहा है. उन्होंने कहा कि अपने डर और खतरे को कम करने के लिए भाजपा निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल कर रही है.

विज्ञापन

नई दिल्ली : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को निर्वाचन आयोग की ओर से नोटिस दिए जाने के बाद कांग्रेस-भाजपा के बीच राजनीतिक तकरार बढ़ गई है. बुधवार को कांग्रेस के सांसद मणिकम टैगोर ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर उनकी पार्टी के खिलाफ निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया. वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोप के जवाब में उस पर झूठे दावे करने की बात कही है. कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने भाजपा पर निर्वाचन आयोग के इस्तेमाल से प्रियंका गांधी के खिलाफ चलाए गए अभियान को खतरा बताया है. मंगलवार को निर्वाचन आयोग ने एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में ‘अप्रत्याशित और गलत बयान’ देने के आरोप में कांग्रेस महासचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है.

कांग्रेस के खिलाफ भाजपा की साजिश : मणिकम टैगोर

समाचार एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने अपने आरोप में कहा कि भाजपा को प्रियंका गांधी वाड्रा के अभियान से खतरा महसूस हो रहा है. उन्होंने कहा कि अपने डर और खतरे को कम करने के लिए भाजपा निर्वाचन आयोग का इस्तेमाल कर रही है. हालांकि, निर्वाचन आयोग को पूरी तरह से निष्पक्ष और तटस्थ होना चाहिए. उन्होंने निर्वाचन आयोग पर भी निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग को कांग्रेस की ओर से की गई शिकायतों पर भी कार्रवाई करनी चाहिए. निर्वाचन आयोग उन शिकायतों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है. उन्होंने कहा कि यह चुनावी राज्यों में कांग्रेस के खिलाफ एक साजिश का हिस्सा है.

प्रियंका गांधी के दावे झूठे : भाजपा

एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के खिलाफ भाजपा के नेता हरदीप सिंह पूरी, अनिल बलूनी और ओम पाठक ने निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी. निर्वाचन आयोग ने भाजपा के इन नेताओं की शिकायत के आधार पर प्रियंका गांधी वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया. इनकी ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रियंका गांधी ने ‘निराधार और झूठा’ दावा किया कि नरेंद्र मोदी सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) का निजीकरण कर दिया है.

निर्वाचन आयोग ने प्रियंका गांधी से मांगा स्पष्टीकरण

इस बीच निर्वाचन आयोग ने कांग्रेस महासचिव को भेजे कारण बताओ नोटिस में कहा है कि भाजपा नेताओं की ओर से की गई शिकायत में आरोप यह लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के सांवेर विधानसभा क्षेत्र में एक सार्वजनिक रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंध में असत्यापित और झूठे बयान दिए हैं, जो जनता को गुमराह करने और प्रधानमंत्री की छवि को धूमिल करने वाले हैं. निर्वाचन आयोग ने प्रियंका गांधी वाड्रा से गुरुवार रात 8 बजे तक अपने बयान पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है.

Also Read: हाईवे पर ड्राइवर कैसे चलाते हैं स्कूल बस! कहीं आपके नौनिहाल खतरे में तो नहीं? जानें SC की गाइडलाइन्स

प्रियंका के क्या हैं आरोप

मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी ने सरकारी कंपनियों को निजी खिलाड़ियों को सौंप दिया है, जिन्हें वह अपने उद्योगपति मित्र कहती हैं. उन्होंने कहा कि मोदी जी, जिस भेल से हमें रोजगार मिलता था और देश आगे बढ़ रहा था, आपने इसका क्या किया? आपने इसे किसे दिया? आपने इसे अपने उद्योगपति मित्रों को क्यों दिया? उनके इस आरोप के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता द्वारा की गई टिप्पणी चुनावी राज्यों में लोगों के सवालों से बचने का एक तरीका है.

Also Read: इसरो रोबोटिक्स चैलेंज 2024 : Rover में अब लगेगा टायर वाला चक्का, छात्र तैयार करेंगे डिजाइन

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola