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Coldrif Syrup Ban: दिल्ली में कोल्ड्रिफ सिरप पर पूरी तरह बैन, 20 बच्चों की मौत के बाद एक्शन

Updated at : 11 Oct 2025 5:15 PM (IST)
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Coldrif Syrup Ban

Coldrif Syrup Ban In Delhi

Coldrif Syrup Ban: दिल्ली सरकार ने बच्चों में खांसी और बुखार के इलाज में इस्तेमाल होने वाले Coldrif Cough Syrup पर तत्काल प्रभाव से बैन लगा दिया है, यह कड़ा कदम सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले केमिकल की पुष्टि के बाद उठाया गया है.

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Coldrif Syrup Ban: देशभर में नकली और मिलावटी दवाओं को लेकर बढ़ती चिंता के बीच दिल्ली सरकार ने बच्चों में इस्तेमाल होने वाले ‘कोल्ड्रिफ कफ सिरप’ की बिक्री, उपयोग और वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है.यह कड़ा कदम सिरप में खतरनाक केमिकल डायएथिलीन ग्लाइकॉल पाए जाने के बाद उठाया गया है, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है और अब तक कई बच्चों की मौत का कारण बन चुका है.

क्या है मामला?

दिल्ली सरकार के औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा 10 अक्टूबर को जारी पब्लिक नोटिस में कहा गया कि कोल्ड्रिफ सिरप में 42.28% डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाया गया, जो सामान्य से बेहद अधिक है. यह केमिकल आमतौर पर इंडस्ट्रियल उपयोग में आता है, लेकिन दवाओं में मिल जाने पर यह किडनी फेलियर, लिवर डैमेज, अंधापन और मृत्यु तक का कारण बन सकता है.

अब तक 20 बच्चों की मौत

कोल्ड्रिफ कफ सिरप का इस्तेमाल आमतौर पर बच्चों में खांसी और बुखार के इलाज के लिए किया जाता है. लेकिन इस सिरप के सेवन से अब तक कम से कम 20 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिससे इसे लेकर राष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है.

सिर्फ दिल्ली नहीं, इन राज्यों में भी लगा बैन

दिल्ली के अलावा कई अन्य राज्यों ने भी इस सिरप पर सख्त कार्रवाई की है:

  • केरल
  • तमिलनाडु
  • मध्य प्रदेश
  • पंजाब

दिल्ली सरकार की अपील

सरकार ने सार्वजनिक चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि कोई भी व्यक्ति कोल्ड्रिफ कफ सिरप का उपयोग ना करे, और यदि उनके पास यह सिरप मौजूद है, तो उसे तुरंत नष्ट कर दें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को सौंप दें.

सिरप में मिला जानलेवा केमिकल

सरकारी जांच रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिबंधित Coldrif कफ सिरप का निर्माण सीसन फार्मास्युटिकल्स नामक कंपनी द्वारा किया गया है. जिसका उत्पादन संयंत्र तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में स्थित है. जांच में बैच नंबर SR-13 (मैन्युफैक्चरिंग: मई 2025, एक्सपायरी: अप्रैल 2027) में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (Diethylene Glycol) की 42.28% w/v मात्रा पाई गई है, जो बेहद खतरनाक और सामान्य सीमा से कहीं अधिक है.

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Ayush Raj Dwivedi

लेखक के बारे में

By Ayush Raj Dwivedi

आयुष डिजिटल पत्रकार हैं और इनको राजनीतिक खबरों को लिखना, वीडियो बनाना और रिसर्च करना पसंद है. इससे पहले इन्होंने न्यूज इंडिया 24*7 में बतौर कंटेन्ट राइटर और रिपोर्टर काम किया है. इनको बिहार यूपी और दिल्ली की राजनीति में विशेष रुचि है. आयुष को क्रिकेट बहुत पसंद है

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