चाइनीज लोन और सट्टेबाजी ऐप पर गृह मंत्रालय ने कसा शिकंजा, 138 सट्टेबाजी और 94 लोन देने वाली ऐप हुई बैन

Updated at : 05 Feb 2023 1:21 PM (IST)
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चाइनीज लोन और सट्टेबाजी ऐप पर गृह मंत्रालय ने कसा शिकंजा, 138 सट्टेबाजी और 94 लोन देने वाली ऐप हुई बैन

केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इमरजेंसी ब्लॉक के सिफारिश का पालन करते हुए 138 सट्टेबाजी ऐप्स और 94 ऋण देने वाकी चाइनीज ऐप को प्रतिबंधित और ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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चाइनीज लोन और सट्टेबाजी ऐप्स के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 138 सट्टेबाजी ऐप और 94 ऋण देने वाले ऐप को प्रतिबंधित और ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

जानकारी के मुताबिक कुछ दिनों पूर्व ही केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को ऐसे चाइनीज ऐप को बैन करने का निर्देश दिया गया था जो किसी अन्य तीसरे पक्ष के लिंक के जरिये काम कर रहे हैं.


हजारों फीसदी ब्याज वसूल रहे थे ये ऐप

बैन किए गए लगभग सभी ऐप चीनी नागरिकों द्वारा तैयार किए गए थे, जिन्होंने भारतीयों को काम पर रखा और उन्हें कामकाज की जिम्मेदारी सौंपी. लोगों को कर्ज लेने के लिए लुभाने के बाद उन्होंने सालाना हजारों फीसदी तक ब्याज देने के लिए मजबूर किया जाता था. जब कर्जदार ब्याज चुकाने में असमर्थ हो जाते तो इन ऐप्स के लोग कर्जदारों को परेशान करना शुरू कर देते.

इन चाइनीज ऐप की वजह से कई लोगों ने की खुदकुशी

कर्ज चुकाने में असमर्थ कई लोगों को इन चाइनीज ऐप के लिए काम करने वालों ने इस कदर प्रताड़ित किया की वो खुदकुशी करने के लिए मजबूर हो गए, इन ऐप्स से कर्जदारों को भद्दे संदेश भेजे गए, उनकी छेड़छाड़ की गई तस्वीरों को जारी करने की धमकी दी गई और उन्हें अपने संपर्कों को संदेश भेजकर शर्मसार किया गया. विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इन ऐप्स के कई कर्जदारों की आत्महत्याओं के बाद ये मुद्दा सुर्खियों में आया.

जासूसी के लिए चीनी ऐप का होता है इस्तेमाल!

इन चाइनीज ऐप में सर्वर-साइड सिक्योरिटी का दुरुपयोग करके जासूसी उपकरण में बदलने की क्षमता होती है. क्योंकि इन ऐप्स के पास भारतीयों के महत्वपूर्ण डेटा तक पहुंच है. ऐसे डेटा तक पहुंच का उपयोग बड़े पैमाने पर निगरानी के लिए किया जा सकता है, जिस वजह ऐसे सभी ऐप्स को देश के लिए खतरा माना जा रहा है.

‘इमरजेंसी ब्लॉक’ की शिफारिश पर कार्रवाई शुरू

अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इन ऐप को ‘इमरजेंसी ब्लॉक’ करने की गृह मंत्रालय की सिफारिश पर कार्रवाई शुरू की है. दोनों मंत्रालयों से यह पुष्टि करने के बाद कार्रवाई शुरू की गई है कि इन ऐप पर आईटी अधिनियम की धारा 69 लागू होती है. क्योंकि इनमें ऐसी सामग्री है जो भारत की संप्रभुता और अखंडता को नुकसान पहुंचाने वाली है

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