मणिपुर हिंसा में चीन का हाथ ? सांसद संजय राउत के बाद कांग्रेस ने उठाये सवाल

Published by : Amitabh Kumar Updated At : 02 Jul 2023 12:01 PM

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इंफाल पश्चिम जिले के सभी क्षेत्रों में आम लोगों के घरों से बाहर निकलने पर लगाये गये प्रतिबंध में रविवार दो जुलाई को सुबह पांच बजे से शाम छह बजे तक ढील दी गयी है. जानें हिंसा को लेकर क्या बोले सांसद संजय राउत

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मणिपुर में जारी हिंसा के बीच प्रभावित इंफाल पश्चिम जिले में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 के तहत लागू पाबंदियों में रविवार को ढील दी गयी है. इधर, मामले को लेकर राजनीतिक बयान का दौर जारी है. उद्धव ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राउत ने कहा कि मणिपुर हिंसा में चीन का हाथ है. आपने (केंद्र सरकार) चीन के खिलाफ क्या कार्रवाई की? उन्होंने कहा कि मणिपुर के मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए और वहां राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए.

संजय राउत ने कहा कि अगर मणिपुर की हिंसा पूर्व नियोजित है तो केंद्र सरकार, राज्यपाल, मुख्यमंत्री आपके हैं. यह (हिंसा) पूर्व नियोजित किसने की? मणिपुर की हिंसा में चीन का हाथ है. आपने चीन को क्या सबक सिखाया? राहुल गांधी गये हैं, वह बड़ी बात है. अमित शाह गये और एक बैठक लेकर चले गये… मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए.

राहुल गांधी ने शांति की अपील की

कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि मणिपुर में जो राइफलें पकड़ी गयी हैं, वे चीन में बनी हैं. राहुल गांधी ने वहां जाकर शांति की अपील की है. मणिपुर में मुख्यमंत्री को तुरंत हटाकर राष्ट्रपति शासन लगाना चाहिए.


सुबह पांच बजे से शाम छह बजे तक ढील

इधर, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट एन जॉनसन मीतेई द्वारा एक अधिसूचना जारी किया गया जिसके अनुसार, मणिपुर में झड़पें शुरू होने के बाद तीन मई को लोगों की आवाजाही पर पाबंदियां लगायी गयी थी. इंफाल पश्चिम जिले के सभी क्षेत्रों में आम लोगों के घरों से बाहर निकलने पर लगाये गये प्रतिबंध में रविवार दो जुलाई को सुबह पांच बजे से शाम छह बजे तक ढील दी जाती है. अधिसूचना के अनुसार, जिले में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति में सुधार आने के बाद उक्त फैसला लेने का काम किया गया है. लोगों को दवाएं तथा खाद्य सामग्री समेत जरूरी सामान खरीदने के लिए भी पाबंदी में ढील दिये जाने की आवश्यकता है.


अभी तक 100 से अधिक लोगों की मौत

यहां चर्चा कर दें कि पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा में अभी तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है. मणिपुर की 53 प्रतिशत आबादी मेइती समुदाय की है और यह मुख्य रूप से इंफाल घाटी में निवास करतीं हैं. वहीं, नगा और कुकी जैसे आदिवासी समुदायों की आबादी 40 प्रतिशत है और यह मुख्यत: पर्वतीय जिलों में रहती है.

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अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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