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Census: जनगणना के लिए तकनीक का होगा इस्तेमाल, चार डिजिटल टूल्स करेंगे मदद

Updated at : 05 Mar 2026 6:40 PM (IST)
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Census: जनगणना के लिए तकनीक का होगा इस्तेमाल, चार डिजिटल टूल्स करेंगे मदद

गुरुवार को जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लांच और शुभंकर 'प्रगति' (महिला) और 'विकास' (पुरुष) का औपचारिक अनावरण किया गया. जनगणना के काम को आसान बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने एडवांस डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास किया है.

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Census: लंबे इंतजार के बाद देश में जनगणना होने वाली है. इससे पहले वर्ष 2011 में जनगणना हुई थी और नियम के अनुसार वर्ष 2021 में जनगणना होनी थी. लेकिन कोरोना महामारी और अन्य कारणों से जनगणना की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी. अब जनगणना शुरू होने वाली है और आजादी के बाद पहली  बार जातिगत आधार पर जनगणना होगी. गुरुवार को जनगणना-2027 के लिए चार डिजिटल टूल्स का सॉफ्ट लांच और शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला) और ‘विकास’ (पुरुष) का औपचारिक अनावरण किया गया. जनगणना के काम को आसान बनाने के लिए सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ एडवांस्ड कंप्यूटिंग (सी-डैक) ने एडवांस डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास किया है. 

केंद्र सरकार की ओर से 16 जून 2025 को राजपत्र में जनगणना-2027 की अधिसूचना जारी की गयी और अधिसूचना जारी होने के बाद जनगणना-2027 की प्रक्रिया औपचारिक तौर पर शुरू हो गयी. इस बार दो चरणों में जनगणना होगी और यह दुनिया का सबसे बड़ा जनगणना काम होगा. पहली बार जनगणना डिजिटल जरिये होगी और पहली बार स्व-गणना (सेल्फ इन्युमेरेशन) का विकल्प भी होगा. जनगणना-2027 के शुभंकर ‘प्रगति’ (महिला प्रगणक) और ‘विकास’ (पुरुष प्रगणक) को मैत्रीपूर्ण और सहज प्रतीक के तौर पर पेश किया गया है. ‘प्रगति’ और ‘विकास’ वर्ष 2047 में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को पूरा करने में महिलाओं और पुरुषों की बराबर की भागीदारी को दर्शाता है. जनगणना-2027 में घर-घर जाकर  सुरक्षित मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर डेटा एकत्रित किया जाएगा.  इसके लिए देशभर में 30 लाख से अधिक प्रगणक, पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी शामिल होंगे. 


डिजिटल टूल से होगी जनगणना


जनगणना-2027 भारत की पहली तकनीकी (डिजिटल) उपकरणों द्वारा संचालित जनगणना होगी. गुरुवार को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इसे लांच किया. इसके तहत हाउस लिस्टिंग ब्लॉक क्रिएटर (एचएलबीसी) वेब एप्लिकेशन अधिकारियों को उपग्रह चित्रों की सहायता से तकनीकी तौर पर मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाने में सक्षम बनाने का काम करेगा, जिससे देशभर में भौगोलिक कवरेज का मानकीकरण सुनिश्चित होगा. एचएलओ मोबाइल एप्लिकेशन यह एक सुरक्षित ऑफलाइन मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसके जरिये जनगणना करने वाले(प्रगणक) मकान-सूचीकरण डेटा एकत्र एवं अपलोड करेंगे. केवल सीएमएमएस पोर्टल पर पंजीकृत प्रगणक ही इसका उपयोग कर सकेंगे. यह एप्लिकेशन सीधे क्षेत्र से सर्वर तक डेटा मुहैया कराने का काम करेगा. यह एंड्रॉयड एवं आईओएस प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है और इसे 16 भाषाओं में संचालित किया जा सकता है. 

स्व-गणना पोर्टल के जरिये पहली बार स्व-गणना का विकल्प उपलब्ध हाेगा. यह एक सुरक्षित वेब-आधारित सुविधा है, जिसके जरिये पात्र उत्तरदाता घर-घर सर्वेक्षण से पूर्व अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं. सफल पंजीकरण के बाद एक विशिष्ट स्व-गणना आईडी जारी की जाएगी. इस स्व-गणना आईडी को प्रगणक के साथ साझा किया जायेगा जिसके आधार पर दर्ज की गयी सूचना की प्रगणक द्वारा पुष्टि की जाएगी. इसके अलावा जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली पोर्टल एक केंद्रीकृत वेब-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके जरिये जनगणना से संबंधित गतिविधियों की योजना, प्रबंधन, क्रियान्वयन और निगरानी होगी. राज्य, जिला एवं तहसील स्तर के अधिकारी एकीकृत डैशबोर्ड के जरिये वास्तविक समय में प्रगति और कार्य-स्थिति का मूल्यांकन कर सकेंगे.

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Vinay Tiwari

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By Vinay Tiwari

Vinay Tiwari is a contributor at Prabhat Khabar.

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