होर्मुज स्ट्रेट को पार करने के दौरान किसी भारतीय जहाज पर पिछले 24 घंटे में कोई हमला नहीं हुआ
Published by : Rajneesh Anand Updated At : 23 Apr 2026 8:16 PM
होर्मुज स्ट्रेट को पार करने के दौरान किसी भी भारतीय जहाज पर हमला नहीं हुआ
No indian ships attacked : होर्मुज स्ट्रेट को पार करने के दौरान किसी भी भारतीय जहाज पर पिछले 24 घंटे के दौरान कोई हमला नहीं हुआ है. इस बात की पुष्टि शिपिंग और वॉटरवेज मिनिस्ट्री ने की है. 22 अप्रैल को सीजफायर की अवधि बढ़ाए जाने के कुछ ही घंटे बाद ईरान ने दो जहाजों पर हमला किया था.
No indian ships attacked : पिछले 24 घंटों में विदेशी झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग की कुछ घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी भी भारतीय जहाज पर फायरिंग की कोई घटना नहीं हुई है. हां, यह जरूर है कि जिन दो जहाजों पर फायरिंग हुई है, उनपर कुछ भारतीय हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर हम चिंतित हैं. उक्त बातें शिपिंग और वॉटरवेज मिनिस्ट्री के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में कहा.
जिन विदेशी झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग हुई, उसपर सवार भारतीय सुरक्षित
एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने बताया कि विदेशी झंडे वाले जहाजों पर फायरिंग में कोई भी भारतीय नाविक घायल नहीं हुआ है. एक जहाज, यूफोरिया पर 21 भारतीय नाविक सवार थे और वे सभी सुरक्षित हैं. एपामिनोंडास जहाज पर भी एक भारतीय नाविक है. वह भी सुरक्षित है. अबतक की सूचना के आधार पर सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, लेकिन उनकी सुरक्षित वापसी को लेकर हम चिंतित हैं.
दो जहाजों पर हमले और उन्हें जब्त किए जाने की थी सूचना
22 अप्रैल को ऐसी सूचना आई थी की ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पार कर रहे दो जहाजों पर गोलियां बरसाईं और उसके बाद उन्हें अपने देश के तट तक लेकर गईं. उस वक्त कुछ सूत्रों से ऐसी सूचना सामने आई थी कि जिन जहाजों पर फायरिंग हुई, वे भारत के हैं. इन खबरों के बाद शिपिंग और वॉटरवेज मिनिस्ट्री की ओर से स्पष्टीकरण सामने आया है.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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