चुनाव के इतिहास में पहली बार भाजपा ने केरल से मुस्लिम महिला को मैदान में उतारा

Updated at : 25 Nov 2020 12:52 PM (IST)
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चुनाव के इतिहास में पहली बार भाजपा ने केरल से मुस्लिम महिला को मैदान में उतारा

देश में चुनावी इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब बीजेपी मे किसी महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारा है. दरअसल केरल में भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मलप्पुरम से दो मुस्लिम महिलाओं को टिकट दिया है. हालांकि यहां से कई मुस्लिम समुदाय के कई पुरुष भी बीजेपी की ओर से चुनावी मैदान में हैं.

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देश में चुनावी इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब बीजेपी मे किसी महिला प्रत्याशी को मैदान में उतारा है. दरअसल केरल में भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव के लिए मलप्पुरम से दो मुस्लिम महिलाओं को टिकट दिया है. हालांकि यहां से कई मुस्लिम समुदाय के कई पुरुष भी बीजेपी की ओर से चुनावी मैदान में हैं.

बीजेपी ने अपने महिला उम्मीदवार भारतीय केंद्रीय मुस्लिम लीग के गढ़ माने जाने वाले मलप्पुरम जिले में उतारा है जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है. केरल में भाजपा के इस कदम को रणनीतिक तौर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

वंडूर की निवासी टी पी सुल्फात वंडूर ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या छह से चुनावी मैदान में हैं और चेम्मड की रहने वाली आएशा हुसैन, पोनमुडाम ग्राम पंचायत के वार्ड संख्या नौ से प्रत्याशी हैं.

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भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने कारण बताते हुए दोनो ने कहा कि वो केंद्र सकी भाजपा द्वारा देश में किये जा रहे विकास कार्यों से काफी खुश और प्रभावित हैं. सरकार की नीतिया उन्हें अच्छी लगती है. आएशा का कहना है कि उनके पति भाजपा में हैं इसलिए वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं. सुल्फात ने कहा, ‘तीन तलाक पर प्रतिबंध और महिलाओं के लिए शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 किये जाने से मैं प्रभावित हुई.’ उन्होंने कहा, ‘यह मुस्लिम महिलाओं के कल्याण के लिए उठाए गए बड़े कदम हैं. यह करने का साहस केवल मोदी में है.’

सुल्फत की शादी 15 वर्ष की उम्र में हो गयी थी. वह दो बच्चों की मां है. वह कहती है कि केंद्र सरकार की नीतियों से मुस्लिम महिलाओं के जीवन में बदलाव होगा. उनका जीवन बेहतर होगा. इन बातों को वह समझ सकती है. उसने कम उम्र में शादी करने का दुख झेला है. सरकारी नौकरी का सपना देखने वाली सुल्फत अभी अपने परिवार के ऑटोमोबाइल और रियल एस्टेट के कारोबार में हाथ बटाती हैं. वहीं आयशा हुसैन के पति भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के सक्रिय सदस्य हैं. वो उन्हीं की वजह से बीजेपी को समझीं और उससे प्रभावित हुई हैं. इसलिए बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रही है.

Posted By: Pawan Singh

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