ePaper

Birsa Munda Vanshavali: ये हैं भगवान बिरसा मुंडा के वंशज, देखें पूरी वंशावली

Updated at : 15 Nov 2022 6:37 AM (IST)
विज्ञापन
Birsa Munda Vanshavali: ये हैं भगवान बिरसा मुंडा के वंशज, देखें पूरी वंशावली

उलिहातू में भगवान बिरसा मुंडा के वंशज अब भी रहते हैं. इस समय उनके पौत्र और उनका पूरा परिवार में एक छोटे से मकान में रहता है. बिरसा ने जिस मकान में जन्म लिया था, उसे जन्मस्थली के रूप पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर दिया गया है, लेकिन उनके वंशज जिस घर में रहते हैं, आज भी कच्चा मकान है.

विज्ञापन

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के दिन झारखंड अपना स्थापना दिवस मनाता है. 15 नवंबर 2022 को झारखंड 22 साल का हो जाएगा और 23 साल में प्रवेश कर जाएगा. झारखंड अलग राज्य के लिए लंबी लड़ाई लड़ी गयी. यह गवाह रहा है कि जब भी झारखंड की धरती पर जोर जुल्म हुआ है, यहां बड़ा उलगुलान हुआ है. बिरसा आंदोलन उसका जीता-जागता प्रमाण है. भगवान बिरसा मुंडा ने अपने कुछ अनुयायियों के साथ पारंपरिक हथियारों के साथ अंग्रेजों के गोली-बंदूक और तोप का सामना किया. धरती आबा बिरसा मुंडा के बारे में अधिक से अधिक जानकारी हर कोई लेना चाहता है. हम यहां आपको उनके वंशजों के बारे में पूरी जानकारी देने वाले हैं. प्रभातखबर डॉट कॉम की टीम खूंटी जिला के उलिहातू गांव पहुंची जहां बिरसा का जन्म हुआ था. वहां अब भी धरती आबा के वंशज रहते हैं.

उलिहातू में अब भी रहते हैं भगवान बिरसा मुंडा के वंशज

उलिहातू में भगवान बिरसा मुंडा के वंशज अब भी रहते हैं. इस समय उनके पौत्र और उनका पूरा परिवार उलिहातू में एक छोटे से मकान में रहता है. बिरसा ने जिस मकान में जन्म लिया था, उसे जन्मस्थली के रूप पर्यटक स्थल के रूप में आज विकसित कर दिया गया है, लेकिन उसके ठीक बगल में उनके वंशज जिस घर में रहते हैं, आज भी कच्चा मकान है. उन्हें अबतक पक्के घर नहीं मिल पाये हैं.

Also Read: Jharkhand Foundation Day: कोकर के बिरसा मुंडा समाधि स्थल पर कैसी है तैयारी, देखें तस्वीरें

भगवान बिरसा मुंडा की वंशावली

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की वंशावली की बात करें तो, उलिहातू में उनका पांचवां पुश्त रह रहा है. बिरसा की वंशावली में सबसे पहला नाम लकरी मुंडा का नाम आता है. लकरी मुंडा के पुत्र हुए सुगना मुंडा और पसना मुंडा हुए. उसके बाद सुगना मुंडा के तीन पुत्र हुए, एक कोन्ता मुंडा, बिरसा भगवान और कानु मुंडा. कोन्ता और भगवान बिरसा के कोई पुत्र नहीं हुए और उनका वंश उनके भाई कानु मुंडा से चला. कानु के एक पुत्र हुए मोंगल मुंडा, जिनके दो पुत्र सुखराम मुंडा और बुधराम मुंडा. बुधराम के एक पुत्र हुए रवि मुंडा और उसके बाद उनका वंश वहीं खत्म हो गया. दूसरी ओर सुखराम मुंडा के चार पुत्र मोंगल मुंडा, जंगल सिंह मुंडा, कानु मुंडा और राम मुंडा. कानु मुंडा के दो पुत्र हैं, बिरसा मुंडा और नारायण मुंडा.

undefined

उलिहातू में इस समय रहते हैं बिरसा भगवान के पौत्र सुखराम मुंडा और उनके परिवार वाले

उलिहातू में इस समय भगवान बिरसा मुंडा के पौत्र सुखराम मुंडा और उनके तीन बेटे और उनकी बहू रहती हैं. पुत्र कानु मुंडा के एक पुत्र का नाम बिरसा मुंडा रखा गया है. आदिवासी समाज में अपने बच्चे का नाम पूर्वजों के नाम पर रखने की परंपरा रही है. इसी लिए भगवान बिरसा के नाम पर कानु मुंडा ने अपने पुत्र का नाम रखा है.

विज्ञापन
ArbindKumar Mishra

लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola