दहेज कानून के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, अतुल सुभाष खुदकुशी मामले के बीच SC की अहम टिप्पणी

Published by : Pritish Sahay Updated At : 11 Dec 2024 5:12 PM

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Atul Subhash Suicide

Atul Subhash Suicide: इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या मामले ने सभी को हिला दिया है. उसके 24 पन्नों के सुसाइड नोट और करीब 90 मिनट के वीडियो की चर्चा हर ओर हो रही है. इसी कड़ी में सुप्रीम कोर्ट ने देश में दहेज कानून के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताई है.

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Atul Subhash Suicide: अतुल सुभाष की खुदकुशी मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. अतुल के आत्महत्या को लेकर न्यायिक प्रक्रिया भी कटघरे में है, उसपर सवाल भी उठ रहे हैं. अपनी पत्नी की ओर से दहेज उत्पीड़न समेत कई केस से दिन-रात जूझते अतुल ने मौत को गले लगाना बेहतर समझा. मरने से पहले उसने 24 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो भी बनाया, जिसमें अतुल ने शादी के बाद से शुरू हुए तनाव और उसके खिलाफ दर्ज कई मामलों समेत उसकी पत्नी, पत्नी के रिश्तेदारों के साथ-साथ न्यायाधीश की ओर से भी प्रताड़ित किए जाने की पूरी बात बताई है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दहेज कानून के गलत इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की है.

सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा

अतुल सुभाष का मामला सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों पर सावधानी बरतने को कहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालतों को ऐसे मामलों में पति के रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों को फंसाने की प्रवृत्ति को पहचान कर परिवार के सदस्यों को अनावश्यक परेशानी से बचाना चाहिए. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि पति के सगे-संबंधियों को फंसाने की प्रवृत्ति को देखते हुए निर्दोष परिवार के सदस्यों को अनावश्यक परेशानी से बचाना चाहिए.

अदालतों को सावधानी बरतनी चाहिए- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी तेलंगाना हाई कोर्ट के उस आदेश को खारिज करते हुए आई है जिसमें एक व्यक्ति, उसके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के मामले को खारिज करने से इनकार कर दिया गया था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायिक अनुभव से यह पता है कि वैवाहिक विवाद होने पर अक्सर पति के सभी परिजनों को फंसाने की प्रवृत्ति होती है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि व्यापक सबूतों के बिना सिर्फ आरोप के आधार पर आपराधिक अभियोजन नहीं बनाया जा सकता. ऐसे मामलों में अदालतों को कानूनी प्रावधानों का दुरुपयोग रोकने और परिवार के निर्दोष सदस्यों को अकारण परेशानी से बचाने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए.

अतुल ने तंग आकर कर ली खुदकुशी

बता दें, सोमवार को बेंगलुरु में एक इंजीनियर अतुल सुभाष ने सुसाइड कर लिया था. खुदकुशी करने से पहले अतुल ने 1 घंटे 20 मिनट का वीडियो और एक 24 पन्ने का सुसाइड नोट लिखा था. सुभाष ने खुदकुशी के लिए अपनी पत्नी निकिता सिंघानिया, अपनी सास, साले और चचेरे ससुर को जिम्मेदार बताया. अतुल सुभाष पर फैमिली कोर्ट में भरण पोषण, दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और तलाक के चार मामले चल रहे थे. अतुल को अक्सर तारीख पर कोर्ट आना पड़ता था. इस सबसे तंग आकर अतुल ने खुदकुशी कर ली.

पत्नी निकिता सिंघानिया पर मामला दर्ज

अतुल सुभाष आत्महत्या मामले में बेंगलुरु पुलिस ने उसके भाई विकास कुमार की शिकायत पर पत्नी निकिता सिंघानिया सहित चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है. साथ ही पुलिस पूरे मामले की जांच भी कर रही है.

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By Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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