मां कामाख्या मंदिर कॉरिडोर की पहली झलक, 498 करोड़ की लागत से होगा तैयार, जानें खासियत और मंदिर का इतिहास
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 03 Feb 2024 11:07 PM
मां कामाख्या मंदिर कॉरिडोर में मुख्य मंदिर के अलावा नीलांचल पर्वत पर स्थित कई और मंदिरों का भी विकास होगा. जिसमें मातंगी, कमला, त्रिपुर सुंदरी, काली, तारा, भुवनेश्वरी, बगलामुखी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती देवियों और दशमहाविद्या के मंदिर भी हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम की दो दिवसीय यात्रा पर गुवाहाटी पहुंचे. असम पहुंचने पर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया. उनके आगमन पर एक लाख दीप प्रज्वलित किए गए. पीएम मोदी इस दौरे में करीब 11600 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे. जिसमें सबसे खास होगा कामाख्या मंदिर गलियारा. पीएम मोदी इसकी आधारशिला रखेंगे.
498 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा कामाख्या मंदिर गलियारा
मालूम हो मां कामाख्या मंदिर गलियारे को तैयार करने में करीब 498 करोड़ रुपये की लागत आएगी. गलियारे की रूपरेख बहुत पहले ही तैयार कर ली गई है. जिसकी पहली झलक असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर दिखाई थी.

काशी और महाकाल के बाद तीसरा सबसे बड़ा कॉरिडोर
मां कामाख्या मंदिर कॉरिडोर देश का तीसरा सबसे बड़ा कॉरिडोर के रूप में विकसित होने वाला है. काशी विश्वनाथ, उज्जैन महाकाल के बाद मां कामाख्या गलियारे का स्थान होगा. 13 दिसंबर 2021 को पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का उद्घाटन किया था. काशी कॉरिडोर के निर्माण में करीब 340 करोड़ रुपये खर्च हुए थे. जबकि उज्जैन महाकाल कॉरिडोर का निर्माण 800 करोड़ रुपये के खर्च से किया गया.
মই নিশ্চিত যে মা কামাখ্যা কৰিডৰ এটা যুগান্তকাৰী পদক্ষেপ হিচাপে বিবেচিত হ'ব।
— Narendra Modi (@narendramodi) April 19, 2023
কাশী বিশ্বনাথ ধাম আৰু শ্ৰী মহাকাল মহালোক আধ্যাত্মিক অভিজ্ঞতাৰ দিশলৈ পৰিৱৰ্তিত হৈ আহিছে। গুৰুত্বপূৰ্ণ কথাটো হ'ল ইয়াৰ লগতে পৰ্যটন তথা স্থানীয় অৰ্থনীতিও সমৃদ্ধ হৈছে। https://t.co/le8gmNrkXX
कॉरिडोर में ये सारी सुविधाएं होंगीं उपलब्ध
बताया गया है कि मां कामाख्या मंदिर कॉरिडोर में मंदिर के विकास के साथ-साथ तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, अतिथि गृह, सार्वजनिक सुविधाएं, चिकित्सा केंद्र, बैंक और फूड स्टॉल जैसी कई सुविधाएं उपलब्ध होंगीं. कॉरिडोर के निर्माण से स्थानीय लोगों को आजीविका मिलेगी और तीर्थयात्रियों को माता के दर्शन में सुविधा होगी.

ओपन स्पेस 3000 वर्ग फुट से बढ़कर लगभग 100,000 वर्ग फुट हो जाएगा
कॉरिडोर के निर्माण के बाद मंदिर के चारों ओर ओपन स्पेस वर्तमान में 3000 वर्ग फुट से बढ़कर लगभग 100,000 वर्ग फुट हो जाएगा. अधिकारी ने बताया कि एक्सेस कॉरिडोर की औसत चौड़ाई इसकी वर्तमान चौड़ाई 8-10 फीट से बढ़कर लगभग 27-30 फीट हो जाएगी.
इन मंदिरों को मिलाकर बनाया जाएगा कॉरिडोर
मां कामाख्या मंदिर कॉरिडोर में मुख्य मंदिर के अलावा नीलांचल पर्वत पर स्थित कई और मंदिरों का भी विकास होगा. जिसमें मातंगी, कमला, त्रिपुर सुंदरी, काली, तारा, भुवनेश्वरी, बगलामुखी, छिन्नमस्ता, भैरवी, धूमावती देवियों और दशमहाविद्या के मंदिर भी हैं. इनके अलावा पहाड़ी के चारों ओर भगवान शिव के पांच मंदिर कामेश्वर, सिद्धेश्वर, केदारेश्वर, अमरतोकेश्वर, अघोरा और कौटिलिंग मंदिर हैं. इन सभी मंदिरों को मिलाकर एक कॉरिडोर बनाया जाएगा.
51 शक्तिपीठों में सबसे पवित्र मानी जाती हैं मां कामाख्या
देश के कई हिस्सों में कुल 51 शक्तिपीठ हैं, जिसमें सबसे पवित्र मां कामाख्या को माना जाता है. नीलांचल पर्वत पर विराजी मां कामाख्या को कामेश्वरी या इच्छा की देवी कहा जाता है. इसे तांत्रिक शक्तिवाद पथ का केंद्र भी माना जाता है. कामाख्या मंदिर असम के गुवाहाटी से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित है. इस मंदिर की पहचान रजस्वला माता की वजह से है. जहां माता की पूजा योनी रूप में होती है. ऐसी मान्यता है कि मंदिर के करीब से बहने वाली ब्रह्मपुत्र नदी हर वर्ष आषाढ़ महीने में लाल हो जाती है. ऐसी मान्यता है कि माता के रजस्वला होने की वजह से नदी का पानी लाल हो जाता है.
प्रसिद्ध है अंबुवाची मेला
मां कामाख्या मंदिर में लगने वाला अंबुवाची मेला विश्व प्रसिद्ध है. यहां हर साल जून में तीन दिन के लिए यह मेला लगता है. इस दौरान मंदिर के दरवाजे तीन दिन के लिए बंद कर दिए जाते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान जल कुंड से पानी की जगह रक्त प्रवाहित होता है, क्योंकि माता रजस्वला होती हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By ArbindKumar Mishra
अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










