अरविंद केजरीवाल ने कोर्ट में पेश होने से किया इनकार, जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को लिखा पत्र

अरविंद केजरीवाल और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा, फोटो पीटीआई
Arvind Kejriwal: आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को एक पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने कहा कि वह आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या किसी वकील के माध्यम से उनके सामने पेश नहीं होंगे. पत्र के साथ-साथ केजरीवाल ने 9 मिनट 40 सेकेंड का एक वीडियो भी जारी किया.
Arvind Kejriwal ने अपने पत्र में लिखा, जस्टिस स्वर्ण कांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है. इसलिए, मैंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग का अनुसरण करने का निर्णय लिया है. यह निर्णय अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर लिया है.
जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं केजरीवाल
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा- मैं जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखूंगा.
क्या है मामला?
अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को सुनवाई से हटाने की मांग की थी. जिसे दिल्ली हाई कोर्ट ने 20 अप्रैल को खारिज कर दिया था.
मुझे झूठे केस में फंसाया गया : केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल ने अपने वीडियो संदेश में कहा- मुझे एक झूठे केस में फंसाया गया. मुझे जेल भेज दिया गया. एक चुनी हुई सरकार को गलत तरीके से गिरा दिया गया. हमें कई महीने जेल में रखा गया. आखिरकार सच की जीत हुई. 27 फरवरी को कोर्ट ने मुझे निर्दोष घोषित किया. कोर्ट ने कहा- केजरीवाल निर्दोष हैं. कोर्ट ने सीबीआई जांच पर ही सवाल खड़ा कर दिया. जांच अधिकारी के खिलाफ एक्शन लेने के आदेश दे दिए गए.
केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर उठाए सवाल
सीबीआई ने कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी. केस जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा जी के सामने लगा. तब मेरे मन में बहुत बड़ा सवाल उठा, क्या इनके सामने मुझे न्याय मिलेगा? मेरे मन में ये प्रश्न क्यूं आया? इसके कई कारण है. दो कारण मुख्य हैं. पहला कारण ये कि RSS की जिस विचारधारा वाली सरकार ने जूठे आरोप लगा के मुझे जेल डाला. जज साहिबा ने खुद माना है कि उस विचारधारा से जुड़े संगठन अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के मंचों पर वे कई बार जाती रही हैं. मैं और आम आदमी पार्टी उस विचारधारा के घोर विरोधी हैं. ऐसे में क्या उनके सामने मुझे न्याय मिल सकता है.
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के दोनों बच्चे केंद्र सरकार में करते हैं काम
कोर्ट में मेरे विपक्ष में केंद्र सरकार की CBI है और जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के दोनों बच्चे केंद्र सरकार में काम करते हैं. दोनों बच्चे सरकारी वकील के पैनल में हैं. भारत सरकार के पैनल में लगभग 700 के करीब वकील हैं, लेकिन जस्टिस स्वर्ण कांता के बेटे सबसे ज्यादा केस पाने वाले वकीलों में से एक हैं. उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच लगभग 5904 केस मिले. जिससे उनके बेटों को करोड़ों रुपये की फिस मिली. दोनों बच्चों का भविष्य और कमाई तुषार मेहता (केजरीवाल के खिलाफ CBI के वकील) के हाथ में है. यह सवाल किसी के भी मन में हो सकता है कि जज साहिबा के बच्चों की कमाई एक वकील तय कर रहा है, तो क्या जज साहिबा उस वकील के खिलाफ अपना फैसला दे पाएंगीं. केजरीवाल ने जज को केस से अलग होने के लिए अनुरोध किया और कहा- मैं जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा से पूरे सम्मान के साथ अनुरोध कर रहा हूं कि वो इस कनफ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट जैसे कारणों से इस केस से खुद को अलग कर लें.
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By ArbindKumar Mishra
मुख्यधारा की पत्रकारिता में 14 वर्षों से ज्यादा का अनुभव. खेल जगत में मेरी रुचि है. वैसे, मैं राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खबरों पर काम करता हूं. झारखंड की संस्कृति में भी मेरी गहरी रुचि है. मैं पिछले 14 वर्षों से प्रभातखबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इस दौरान मुझे डिजिटल मीडिया में काम करने का काफी अनुभव प्राप्त हुआ है. फिलहाल मैं बतौर शिफ्ट इंचार्ज कार्यरत हूं.
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