Anti Paper Leak Law : 'डैमेज कंट्रोल' कर रही है सरकार, एंटी-पेपर लीक कानून पर कांग्रेस ने कहा
Published by : Amitabh Kumar Updated At : 22 Jun 2024 1:03 PM
A policewoman detains a member of Indian Youth Congress (IYC) during a protest outside the residence of Union Education Minister Dharmendra Pradhan over the NEET-UG and UGC-NET examinations issue, in New Delhi
Anti Paper Leak Law : एंटी-पेपर लीक कानून केंद्र सरकार के द्वारा लागू किया गया है. मामले पर कांग्रेस ने कहा कि सरकार केवल 'डैमेज कंट्रोल' करने में जुटी हुई है.
Anti Paper Leak Law : देशभर में ‘पेपर लीक’ मामले को लेकर विवाद जारी है. इस बीच केंद्र सरकार की ओर से लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 अधिसूचित किया गया है. इस फैसले के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आई है. कांग्रेस ने इसे ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश बताया है. पार्टी ने आरोप लगाया कि नीट-स्नातक, यूजीसी-नेट परीक्षाओं को लेकर विवाद के बीच यह फैसला लिया गया है. यह केवल ‘डैमेज कंट्रोल’ करने का प्रयास मात्र है.
क्या कहा कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने
मामले पर पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि इस कानून की जरूरत थी. यह कानून पेपर लीक के बाद की स्थिति से निपटता है जबकि यह सुनिश्चित करने के लिए कानून और प्रक्रियाओं की ज्यादा जरूरत है कि परीक्षा के पहले पेपर लीक ही न हो. उक्त बातें कांग्रेस नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर कही है. उन्होंने कहा कि 13 फरवरी 2024 को राष्ट्रपति ने लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम), विधेयक, 2024 को अपनी स्वीकृति दी थी. 22 जून की सुबह बताया गया कि यह अधिनियम 21 जून, 2024 से लागू हो चुका है.
जयराम रमेश ने आगे कहा कि स्पष्ट रूप से यह नीट, यूजीसी-नेट, सीएसआईआर-यूजीसी-नेट और अन्य घोटालों से पैदा हुई स्थिति को संभालने के प्रयास के तहत किया गया है.
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क्या है इस कानून का मकसद जानें
केंद्र सरकार के द्वारा जो अधिनियम लाया गया है उसके तहत अपराधियों के लिए अधिकतम 10 साल की जेल की सजा और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. नीट, यूजीसी-नेट परीक्षाओं को लेकर विवाद के बीच, केंद्र सरकार ने शुक्रवार देर रात लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 अधिसूचित किया. इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कदाचार और अनियमितताओं पर अंकुश लगाना है.
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By Amitabh Kumar
अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.
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