Manipur Violence: दंगे में मारे गए लोगों के परिवार से एक को मिलेगी नौकरी, केंद्र ने कुकी समुदाय की मांग ठुकराई
Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 31 May 2023 8:39 AM
केंद्र और मणिपुर सरकार ने राज्य में जातीय संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की. दंगे में मारे गए व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी.
मणिपुर में शांति बहाली के अपने प्रयासों के तहत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को विभिन्न मेइती और कुकी समूहों से मुलाकात की. इस दौरान दोनों ही समुदाय ने शांति के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और आश्वासन दिया कि वे संकटग्रस्त राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए काम करेंगे.
अमित शाह ने कुकी समुदाय से की बात, राष्ट्रपति शासन की मांग ठुकराई
अमित शाह ने स्वदेशी जनजातीय नेताओं के फोरम (आईटीएलएफ), कुकी छात्र संगठन (केएसओ) और अन्य नागरिक समाज संगठनों जैसे विभिन्न समूहों के साथ तीन दौर की बातचीत की. उन्होंने भाजपा के पांच कुकी विधायकों से भी मुलाकात की. आईटीएलएफ के सचिव मुआन टॉम्बिंग ने बताया, हमने मणिपुर से पूर्ण अलगाव की मांग की – राजनीतिक और भौगोलिक दोनों. हमने राष्ट्रपति शासन की भी मांग की क्योंकि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. उन्होंने कहा कि गृह मंत्री ने कुकी समाज से आम लोगों की सुरक्षा के लिए और सुरक्षा कर्मियों को भेजने के आश्वासन के साथ अगले 15 दिनों तक शांति बनाए रखने का अनुरोध किया. टॉम्बिंग ने कहा, उन्होंने हमें बताया कि लंबे समय तक चली इस झड़प के कारणों का पता लगाने के लिए सीबीआई को विस्तृत जांच का जिम्मा सौंपा जाएगा. साथ ही न्यायिक जांच की भी घोषणा की जाएगी.
मणिपुर में दंगा पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा
केंद्र और मणिपुर सरकार ने राज्य में जातीय संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की. दंगे में मारे गए व्यक्ति के परिवार के एक सदस्य को नौकरी भी दी जाएगी. मुआवजे की राशि केंद्र और राज्य सरकार बराबर-बराबर वहन करेंगी. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के बीच सोमवार रात को मंत्रिपरिषद की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया.
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अमित शाह ने सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की
अमित शाह ने इंफाल में पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ), सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मणिपुर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की और कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता मणिपुर में शांति और समृद्धि है और सुरक्षा अधिकारियों को शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि से कड़ाई से निपटने का निर्देश दिया गया है.
पेट्रोल- एलपीजी गैस सहित खाद्य सामग्री कराई जाएंगी उपलब्ध
गृह मंत्री अमित शाह के साथ बैठक में यह सुनिश्चित करने का भी फैसला किया गया कि बढ़ती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए पेट्रोल, एलपीजी गैस, चावल और अन्य खाद्य सामग्री जैसी आवश्यक वस्तुएं अधिक मात्रा में उपलब्ध कराई जाएंगी.
मणिपुर हिंसा में अबतक 80 लोगों की हो चुकी है मौत, 40 उग्रवादी भी मारे गये
गौरतलब है कि मणिपुर में ‘जनजातीय एकता मार्च’ के बाद मणिपुर में पहली बार जातीय हिंसा भड़क उठी थी. अनुसूचित जाति (एसटी) के दर्जे की मांग को लेकर मेइती समुदाय ने तीन मई को प्रदर्शन किया था जिसके बाद ‘जनजातीय एकता मार्च’ का आयोजन किया था. आरक्षित वन भूमि से कूकी ग्रामीणों को बेदखल करने को लेकर तनाव के चलते, पहले भी हिंसा हुई थी, जिसके कारण कई छोटे-छोटे आंदोलन हुए थे. इस हिंसा में अबतक 80 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 40 उग्रवादियों भी मारे गये.
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अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.
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