परिसीमन पर अमित शाह का भरोसा: दक्षिण का प्रतिनिधित्व कम नहीं, बल्कि बढ़ेगा, 5 प्वाइंट्स में समझाया

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Union Home Minister Amit Shah

लोकसभा में अमित शाह, फोटो पीटीआई

Amit Shah On Delimitation: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नए परिसीमन के बाद दक्षिणी राज्यों का संसद में प्रतिनिधित्व कम होने की आशंकाओं को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा – उनकी हिस्सेदारी कम नहीं होगी, बल्कि बढ़ेगी. उन्होंने विपक्ष के दावे को भ्रम फैलाने वाला बताया और 5 प्वाइंट्स में समझाया, दक्षिण के राज्यों को कैसे फायदा होगा.

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Amit Shah On Delimitation: लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में कहा- वह विधेयकों पर चर्चा का जवाब शुक्रवार को विस्तार से देंगे, लेकिन कुछ भ्रांतियों को अभी दूर करना चाहते हैं. उन्होंने इसे पांच प्वाइंट्स में समझाया.

  1. कर्नाटक में अभी 28 लोकसभा सीट हैं, जो कुल 543 सीट का 5.15 प्रतिशत है. बिल पास होने के बाद, कर्नाटक के सांसदों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी. जो कुल 816 सीटों का 5.14 प्रतिशत होगी. कर्नाटक को बिल्कुल भी कोई नुकसान नहीं होगा.
  2. शाह ने कहा कि आंध्र प्रदेश में अभी 25 लोकसभा सीट हैं और उसका प्रतिनिधित्व 4.6 प्रतिशत है जो परिसीमन के बाद 38 (4.65 प्रतिशत) हो जाएंगी.
  3. तेलंगाना में मौजूदा सीट की संख्या 17 (3.13 प्रतिशत) है, जो बाद में 26 (3.18 प्रतिशत) हो जाएंगी.
  4. शाह ने कहा, तमिलनाडु के 39 सदस्य (7.18 प्रतिशत) हैं जो परिसीमन के बाद 59 (7.23 प्रतिशत) हो जाएंगे.
  5. शाह ने कहा कि लोकसभा में अभी केरल के 20 सदस्य हैं. उनका प्रतिनिधित्व 3.38 प्रतिशत है जो बढ़कर 3.67 प्रतिशत (30 सीट) हो जाएगा.

परिसीमन के बाद दक्षिण का प्रतिनिधित्व बढ़कर 195 सीट हो जाएगा

अमित शाह ने कहा कि कुल मिलाकर अभी दक्षिणी राज्यों से 129 लोकसभा सदस्य आते हैं और उनका प्रतिनिधित्व 23.76 प्रतिशत है, जो 50 प्रतिशत वृद्धि के बाद 195 सीट और 23.97 प्रतिशत, यानी 24 प्रतिशत हो जाएगा. शाह ने कहा, इसलिए प्रतिनिधित्व कम नहीं हो रहा, बढ़ रहा है.

शाह ने प्रियंका गांधी को दिया करारा जवाब

परिसीमन आयोग में पक्षपात की कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा की आशंकाओं पर शाह ने कहा, मैं प्रियंका जी से कहना चाहता हूं कि हमने परिसीमन आयोग अधिनियम में कोई बदलाव नहीं किया है. पूरी तरह आपके कानून को रिपीट किया है. उन्होंने कहा, कांग्रेस की सरकार में इस अधिनियम का इस्तेमाल कर अगर हेरफेर की होगी तो मैं इतना कह सकता हूं कि हम नहीं करेंगे. और कुछ नहीं कह सकता.

2029 से पहले परिसीमन लागू नहीं होगा : शाह

तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में फायदे के लिए इन विधेयकों को इस समय लाए जाने के आरोपों पर शाह ने कहा, मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि परिसीमन आयोग की रिपोर्ट संसद की स्वीकृति और राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लागू होगी. 2029 से पहले इसके लागू होने का सवाल नहीं है. तब तक सारे चुनाव पुरानी व्यवस्था से होंगे. उन्होंने समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर उन्हें भी डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि वह जीतेंगे नहीं, यह अलग बात है.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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