परिसीमन पर पीएम मोदी ने दी गारंटी, कहा- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगा

Published by : ArbindKumar Mishra Updated At : 16 Apr 2026 4:54 PM

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लोकसभा में पीएम मोदी, फोटो एक्स

PM Modi In Parliament: महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयकों पर संसद में चर्चा जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को लोकसभा में इस बिल पर चर्चा का जवाब दिया.

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PM Modi In Parliament: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक पर लोकसभा में कहा- हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमें देश की आधी आबादी से जुड़ी राष्ट्र-निर्माण की इतनी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिला है. हम सांसदों को इस महत्वपूर्ण अवसर को हाथ से जाने नहीं देना चाहिए. हम भारतीय मिलकर देश को एक नई दिशा देने जा रहे हैं. हम अपनी शासन व्यवस्था में संवेदनशीलता लाने का एक सार्थक प्रयास करने जा रहे हैं. यह न केवल देश की राजनीति को आकार देगा, बल्कि यह देश की दिशा और दशा भी तय करेगा.

परिसीमन पर क्या बोले पीएम मोदी?

परिसीमन आयोग के गठन से जुड़े विधेयक पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- किसी के साथ भेदभाव नहीं होगी. सीटों का अनुपात पहले की तरह ही बना रहेगा, यह मेरी गारंटी है.

महिला आरक्षण का विरोध करने वालों को लंबे समय तक कीमत चुकानी पड़ेगी : पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में सभी राजनीतिक दलों से महिला आरक्षण अधिनियम संबंधी संविधान संशोधन विधेयक का समर्थन करने की अपील की. उन्होंने कहा- इसे राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है और जो भी इसका विरोध करेंगे उन्हें लंबे समय तक इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक, 2026 और संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026 पर यह भी कहा कि इस विषय को राजनीति के तराजू से नहीं तौलना चाहिए.

जिसने भी महिलाओं के अधिकार का विरोध किया, देश उन्हें माफ नहीं किया : पीएम मोदी

PM मोदी ने कहा, महिला को मिलने वाले अधिकार का जिस-जिस ने विरोध किया, महिलाओं ने उन्हें माफ नहीं किया, उनका बुरा हाल हुआ. 2024 के चुनाव में यह नहीं हुआ, क्योंकि (2023 में) सबने मिलकर इसे पारित किया था. उन्होंने कहा कि जिन्हें इसमें राजनीतिक बू आ रही है, वे पहले के परिणामों को देख लें.

महिला आरक्षण और परिसीमन देश के लोकतंत्र के पक्ष में: पीएम मोदी

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए PM मोदी ने कहा, यह देश के लोकतंत्र के पक्ष में होगा, यह देश की सामूहिक निर्णय-प्रक्रिया के पक्ष में होगा, और इसका श्रेय हम सभी को मिलेगा. न तो सरकार इसका एकमात्र हकदार होगी, न ही मोदी इसका एकमात्र हकदार होगा, और न ही यहां बैठे सभी लोग इसके एकमात्र हकदार होंगे. मैं चाहूंगा कि जो लोग इसमें राजनीति की बू सूंघते हैं, वे पिछले 30 सालों में अपने नजरिए की जांच करें और देखें कि क्या इसमें कोई फायदा है. मेरा मानना ​​है कि इसे कोई राजनीतिक रंग देने की जरूरत नहीं है.

पीएम मोदी ने सपा सांसद धर्मेंद्र यादव को दिया जवाब

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “धर्मेंद्र यादव (समाजवादी पार्टी के सांसद) जी, मेरा परिचय कराने के लिए मैं आपका बहुत आभारी हूं. यह सच है कि मैं एक बहुत ही पिछड़े समुदाय से आता हूं. अखिलेश जी मेरे मित्र हैं, इसलिए वे कभी-कभी मेरी मदद करते हैं. मैं देशवासियों का ऋणी हूं और मैं उन समाज-निर्माताओं का भी ऋणी हूं जिनकी वजह से मैं आज यहां हूं.

देश की 50% आबादी नीति-निर्माण का हिस्सा बने : पीएम मोदी

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 21वीं सदी में भारत एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है. आज हम सभी दुनिया में भारत की स्वीकार्यता को महसूस करते हैं. यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है. मेरा मानना ​​है कि ‘विकसित भारत’ का मतलब केवल रेलवे, सड़कें, बुनियादी ढांचा, या आर्थिक या प्रगति के आंकड़े ही नहीं हैं. हम ‘विकसित भारत’ को लेकर इतनी संकीर्ण सोच रखने वाले लोग नहीं हैं. हम एक ऐसा ‘विकसित भारत’ चाहते हैं, जहां नीति-निर्माण में ‘सबका साथ, सबका विकास’ का मंत्र सही मायने में साकार हो. यह समय की मांग है कि देश की 50% आबादी नीति-निर्माण का हिस्सा बने.

महिला आरक्षण 25-30 साल पहले ही लागू कर देना चाहिए था : पीएम मोदी

लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, जरूरत यह थी कि जब 25-30 साल पहले पहली बार यह विचार आया था, और इसकी जरूरत महसूस हुई थी, तो हमें इसे लागू कर देना चाहिए था; और आज हम इसे एक परिपक्व चरण तक ले आए हैं. जरूरत के हिसाब से, इसमें समय-समय पर सुधार भी किया जाता है, और यही लोकतंत्र की खूबसूरती है. हमारा देश ‘लोकतंत्र की जननी’ है. हमारा लोकतंत्र हजारों सालों से विकास की एक यात्रा रहा है, और इस सदन में हम सभी को इस विकास यात्रा में एक नया आयाम जोड़ने का शुभ अवसर मिला है.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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