भाजपा शासित राज्यों में लगातार बढ़ रहा दलितों, अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार : कांग्रेस

Updated at : 22 May 2017 9:09 PM (IST)
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भाजपा शासित राज्यों में लगातार बढ़ रहा दलितों, अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार : कांग्रेस

नयी दिल्ली : कांग्रेस ने भाजपा शासित प्रदेशों में दलितों एवं अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार और भीड़ द्वारा की जानेवाली हिंसा की घटनाएं बढ़ने का आरोप लगाते हुए सोमवार को दावा किया कि केंद्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकारें कानून को अपने हाथ में लेनेवाले ऐसे लोगों को समर्थन दे रही हैं. कांग्रेस ने सवाल […]

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नयी दिल्ली : कांग्रेस ने भाजपा शासित प्रदेशों में दलितों एवं अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार और भीड़ द्वारा की जानेवाली हिंसा की घटनाएं बढ़ने का आरोप लगाते हुए सोमवार को दावा किया कि केंद्र एवं प्रदेश की भाजपा सरकारें कानून को अपने हाथ में लेनेवाले ऐसे लोगों को समर्थन दे रही हैं. कांग्रेस ने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन मामलों में चुप्पी क्यों साधे हुए हैं.

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भाजपा शासित प्रदेशों हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और झारखंड में कानून व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति की ओर ध्यान दिलाते हुए ऐसी घटनाओं पर प्रधानमंत्री मोदी से जवाब मांगा. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘राजस्थान से उप्र और हरियाणा तथा अब झारखंड, भाजपा शासित प्रदेशों में अराजकता और कानूनहीनता कायम हो रही है. क्या प्रधानमंत्री जवाब देंगे.’

कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने भी भाजपा शासित प्रदेशों में इस तरह की घटनाओं के बढ़ने का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘जिसको भी भारत की अस्मिता, लोकतंत्र और गणतंत्र की थोड़ी भी परवाह है, उसका इस प्रकार की घटनाओं से सिर शर्म से झुक जायेगा. इस देश में लोगों को सरेआम फांसी लगाने का एक नया अभियान चल पड़ा है. विश्व के सबसे बड़े गणतंत्र में कानून का कोई भय नहीं रह गया है. क्या यही नया भारत है.’ उन्होंने कहा, ‘‘यह राजग, भाजपा और नरेंद्र मोदी के अनुसार क्या नयी सामान्य स्थिति है. क्या यह वहीं नयी स्थिति है, जिसमें किसी भी निर्दोष व्यक्ति को महज संदेह के आधार पर तुरंत न्याय दे दिया जाता है. अदालतों में न्याय मिलने में थोडा समय लगता है, किंतु यहां तो तुरंत न्याय मिल जाता है. इस सरकार के शासन में असहिष्णुता निरंतर बढ़ती जा रही है.’ कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री को इन मामलों पर अपनी चुप्पी तोड़नी चाहिए.

सिंघवी ने कहा, ‘‘इसमें सबसे दुखद बात है कि केंद्र एवं प्रदेश की सरकारों द्वारा ऐसे लोगों को न केवल समर्थन दिया जाता है, बल्कि उकसावा भी दिया जा रहा है. झारखंड में हाल में जो घटनाएं हुईं, उनमें पुलिसवालों की मौजूदगी में 80 साल की आयु की एक बुजुर्ग महिला को भी नहीं छोड़ा गया. दलित हो, अल्पसंख्यक हो, या अन्य हिंदू हो, मानवता के सरोकारों से इनका कोई लेना-देना नहीं है.’

उन्होंने कहा कि चाहे गाय का मामला हो, सांप्रदायिकता का मामला हो, मानवता से उनका कोई लेना-देना नहीं. इसके पीछे जो मूल भावना काम कर रही है, वह है मानवाधिकार के प्रति असहिष्णुता, दलितों और अल्पसंख्यकों को परेशान करना तथा हर चीज को सांप्रदायिक रंग देना. गुजरात में दलितों के साथ क्या किया गया. 23 वरिष्ठ एवं पूर्व नौकरशाहों ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से अनुरोध किया कि पहलू खान के मामले में तुरंत गिरफ्तारी की जाये. किंतु इसका कोई जवाब तक नहीं आया. हरियाणा में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर पत्थर से उसका चेहरा कुचल दिया गया.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले ढाई-तीन साल में बड़े-बड़े वक्तव्य दिये हैं, जुमलेबाजी की है. किंतु उनकी पार्टी के लोगों और समर्थकों ने हमेशा ऐसा काम किया है, जिससे देश में सांप्रदायिकता बढ़े. क्या यही नया भारत है. कांग्रेस नेता ने कहा कि दलितों के प्रति आपराधिक उत्पीड़न की घटनाओं में वर्ष 2013 से 2015 तक लगभग 38 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई वर्ष 2013 में 39408 ऐसी घटनाओं की संख्या थी, जो 2015 में 54335 बढ़ कर हो गयी.

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