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नेशनल हेरॉल्ड मामला : सोनिया-राहुल को बड़ा झटका, हाइकोर्ट ने दी आइटी जांच को मंजूरी

Updated at : 12 May 2017 12:41 PM (IST)
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नेशनल हेरॉल्ड मामला : सोनिया-राहुल को बड़ा झटका, हाइकोर्ट ने दी आइटी जांच को मंजूरी

नयी दिल्ली :दिल्ली हाइकोर्ट ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कथित संलिप्पतावाले नेशनल हेराल्ड मामले में यंग इंडिया लिमिटेड के खिलाफ आयकर की कार्यवाही पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया. न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर की पीठ ने कंपनी से आयकर आकलन अधिकारी से संपर्क करने को कहा […]

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नयी दिल्ली :दिल्ली हाइकोर्ट ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी की कथित संलिप्पतावाले नेशनल हेराल्ड मामले में यंग इंडिया लिमिटेड के खिलाफ आयकर की कार्यवाही पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया. न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति चंद्रशेखर की पीठ ने कंपनी से आयकर आकलन अधिकारी से संपर्क करने को कहा जिसके बाद कंपनी ने अपनी याचिका वापस ले ली. याचिका वापस लिये जाने के बाद अदालत ने इसे खारिज कर दिया.

यंग इंडिया ने संपत्तियों के अवैध उपयोग संबंधी नेशनल हेराल्ड मामले में आयकर की कार्यवाही पर रोक लगाने और कंपनी के खिलाफ दिये गये नोटिस को खारिज करने का आदेश देने की अपील करते हुए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था. कंपनी को मूल्यांकन वर्ष 2011-12 के संबंध में नोटिस जारी किये गये थे. यंग इंडिया कंपनी में राहुल और सोनिया की हिस्सेदारी है. इस कंपनी के खातों की पूरी जांच होगी. उधर, गांधी परिवार इसे लेकर अब सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगा. इस मामले को लेकर सुब्रमण्यम स्वामी ने कोर्ट का रुख किया था.

मामला निजी आपराधिक शिकायत पर आधारित है जिसमें इन पर धोखाधड़ी, साजिश और आपराधिक विश्वाघात का आरोप लगाया गया है. स्वामी का आरोप है कि एसोसिएटिड जरनल लिमिटेड को 50 लाख रुपये देकर यंग इंडियन लिमिटेड से 90.25 करोड़ रुपये वसूलने का अधिकार लिया गया. स्वामी ने कहा था सोनिया और राहुल गांधी ने नेशनल हेराल्ड की पांच हजार करोड़ की संपत्ति पर कब्जा कर लिया है. अब कोर्ट ने इस मामले की जांच के आदेश दिये हैं. आयकर विभाग इस मामले की पूरी जांच करेगा और कोर्ट को रिपोर्ट सौपेंगा.

क्या है पूरा मामला
नेशनल हेराल्ड की स्थापना देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने की थी. आजादी की लड़ाई में भी इस अखबार ने अहम भूमिका निभायी थी. हिंदी नवजीवन और उर्दू कौमी आवाज नाम से अखबार निकलता था. आजादी के बाद इसका इस्तेमाल कांग्रेस के मुखपत्र के रूप में होने लगा. आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से अखबार का प्रकाशन 2008 में बंद हो गया. अखबार का मालिकाना हक एसोसिएटेड जर्नल्स के पास था. आर्थिक स्थिति से उबरने के लिए कंपनी ने कांग्रेस पार्टी से 90 करोड़ रुपये का कर्ज लिया.
कर्ज के बाद भी अखबार का प्रकाशन शुरू नहीं हुआ. 2012 में यंग इंडिया कंपनी ने एसोसिएटेड जर्नल्स को खरीद लिया. विवाद इसे लेकर खड़ा हुआ की कंपनी यंग इंडिया में 76 फीसदी शेयर सोनिया गांधी और राहुल गांधी के हैं. इस कंपनी के बाकी शेयर सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस के पास हैं. स्वामी ने कांग्रेस पार्टी के कर्ज देने और कंपनी में कांग्रेस पार्टी के लोगों के शेयर होने पर सवाल खड़े किये हैं.
सोनिया व राहुल गांधी पर कौन कौन सी धाराएं
धारा 403 : गलत तरीके से संपत्ति एकत्र करना. दो साल तक की सजा का प्रावधान.
धारा 406 : आपराधिक दुराचार. तीन साल तक की सजा का प्रावधान.
धारा 420 : धोखाधड़ी. अपराध के अनुरूप सात साल तक की सजा का प्रावधान.
धारा 120 बी : आपराधिक साजिश. दो साल या अधिक की सजा का प्रावधान.
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