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आखिर क्यों आसान नहीं है शशिकला के लिए तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने की राह?

Updated at : 10 Feb 2017 12:25 PM (IST)
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आखिर क्यों आसान नहीं है शशिकला के लिए तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने की राह?

चेन्नई : अन्नाद्रमुक महासचिव शशिकला के लिए मुख्यमंत्री बनने की राह बहुत आसान नहीं है. विधानसभा में सीटों की नाजुक अंकगणित के कारण कुछ विधायकों के इधर से उधर होने पर पूरा खेल बदल सकता है. हालांकि 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में 131 विधायकों के समर्थन का दावा कल शशिकला ने राज्यपाल विद्यासागर राव […]

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चेन्नई : अन्नाद्रमुक महासचिव शशिकला के लिए मुख्यमंत्री बनने की राह बहुत आसान नहीं है. विधानसभा में सीटों की नाजुक अंकगणित के कारण कुछ विधायकों के इधर से उधर होने पर पूरा खेल बदल सकता है. हालांकि 234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा में 131 विधायकों के समर्थन का दावा कल शशिकला ने राज्यपाल विद्यासागर राव के समक्ष किया है. अन्नाद्रमुकके पास स्पीकर को छोड़ कर 134 विधायक हैं, जिसमें पांच खुले तौर पर कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम के साथ खड़े हैं, जबकि माना जा रहा है कि कई गुपचुप तरीके से उनके साथ हैं. विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 117 विधायकों की जरूरत है. लेकिन, शशिकला गुट ने जिस तरह दो रिसार्ट में विधायकों को बंधक बना कर रखा है, उससे उनमें से कई के अंदर अंसतोष उत्पन्न हो गया है. दोनों रिसार्ट के एक किलोमीटर के दायरे में सुरक्षा घेरा बना दिया गया है, रिसार्ट का वाइफाइ बंद कर दिया गया है और जैमर लगा दिये गये हैं, ताकि कोई गुप-चुप तरीके से किसी मोबाइल से दूसरे गुट से संपर्क न कर ले.

विधायकों का मोबाइल तो पहले ही जब्त कर लिया गया है और उन्हें टीवी तक नहीं देखने दिया जा रहा है. ऐसे इसलिए किया जा रहा है ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें या किसी के प्रभाव में नहीं आ सकें व राज्य के ताजा राजनीतिक हालात से वाकिफ नहीं हो सकें. कल इसी कारण कुछ नाराज विधायकों द्वारा भोजन का बहिष्कार किये जाने की भी खबर आयी थी. ऐसे में शशिकला गुट बचाव की मुद्रा में भी नजर आ रहा है. इस पूरे मामले को अदालत ने भी संज्ञान में लिया है. अन्नाद्रमुक नेता वल्लारमती ने विधायकों के मोबाइल स्वीच आॅफ होने के सवाल पर कहा है कि उन्होंने स्वयं मोबाइल ऑफ कर रखा है, क्योंकि उन्हें फोन पर धमकियां मिल रही थीं.

एेसे में शशिकला अगर मुख्यमंत्री पद का शपथ ले भी लेतीं हैं तो विधानसभा में उनके सामने दिक्कतें आ सकती हैं. बंधक विधायकों का असंतोष शक्तिपरीक्षण के समयप्रकटहो सकता है. अगर 13 या उससे अधिक विधायक अपना मन बदल लेंगे तो शशिकला के लिए दिक्कत हो सकती है. ध्यान रहे कि दो दिन पहले पन्नीरसेल्वम गुट 50 विधायकों के समर्थन का दावा कर चुका है. पन्नीरसेल्वम ने कल गवर्नर से मिलने के बाद बड़े आत्मविश्वास से कहा भी कि न्याय की जीत होगी और जल्द अच्छी खबर मिलेगी.

तमिलनाडु के इसराजनीतिकसंकट सेजुड़े अलग-अलग मामले कोर्ट में भी चल रहे हैं. जहां से शशिकला के लिए कुछ अच्छी तो कुछ निराशाजनक खबर आ रही हैं. सुप्रीम कोर्ट ने आज उस याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिसमें जयललिता को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से रोकने का आग्रह किया गया था. यह उनके लिए थोड़ी राहत भरी खबर है, लेकिन अदालत में शशिकला के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले की सुनवाई भी एक सप्ताह के अंदर ही पूरी होनी है, जिसमें उनके खिलाफ फैसले आने की स्थिति में वे मुख्यमंत्री बनने से वंचित हो जा सकती हैं.

दूसरी ओर मद्रास हाइकोर्ट ने आज तमिलनाडु पुलिस को कहा है कि वह रिसार्ट में रखे गये अन्नाद्रमुक विधायकों के संबंध में एक हलफानामा दायर करे. वहीं, कांग्रेस की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष एस थिरुनवुकरसर ने कहा है कि हमने राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात से अपने नेता राहुल गांधी को अवगत कराया है. राज्य में कांग्रेस के पास आठ विधायक हैं, जबकि मुख्य विपक्ष द्रमुक के पास 89 विधायक हैं.

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