सेना की वर्दी में घूम रहे हैं आतंकी, तीन गुटों को सौंपा गया है हमले का जिम्मा

Updated at : 11 Oct 2016 8:21 AM (IST)
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सेना की वर्दी में घूम रहे हैं आतंकी, तीन गुटों को सौंपा गया है हमले का जिम्मा

नयी दिल्ली : सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान बौखला गया है. सबसे ज्यादा नुकसान लश्कर के आतंकियों को पहुंचा है. अब सेना और आतंकी मिलकर किसी बड़े हमले की योजना बना रहे हैं. लश्कर के आतंकी सीमा पर पाक सेना का वर्दी पहनकर घूम रहे हैं. आईएसआई ने यह चाल चली है ताकि आतंकियों को […]

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नयी दिल्ली : सर्जिकल स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान बौखला गया है. सबसे ज्यादा नुकसान लश्कर के आतंकियों को पहुंचा है. अब सेना और आतंकी मिलकर किसी बड़े हमले की योजना बना रहे हैं. लश्कर के आतंकी सीमा पर पाक सेना का वर्दी पहनकर घूम रहे हैं. आईएसआई ने यह चाल चली है ताकि आतंकियों को भारत की नजरों से बचाया जा सके.

सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से उनमें दहशत है. इसलिए सीमा पार आतंकियों के लॉन्चिंग पैड को पाक रेंजर्स का ठिकाना साबित करने के लिए आतंकियों को सेना की वर्दी पहना दी गई है. सूत्रों की मानें तो हाफिज ने लश्कर के तीन गुटों को तैयार किया है इन तीन में से एक ग्रुप का नेतृत्व महिला कमांडर फातिमा कर रही है.दूसरे को अबू उसामा संभाल रहा है,
जबकि तीसरे समूह का नेतृत्व लश्कर आतंकी हम्माद कर रहा है। इन सभी को सुरक्षा बलों और सेना के अलावा महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की जिम्मेदारी दी गई है. इन आतंकियों की संख्या 250 से अधिक बतायी जा रही है. घाटी में घरों से गायब हुए युवकों के भी इन समूहों में शामिल होने की भी संभावना से इनकार नहीं किया गया है.
250 से ज्यादा आतंकी सक्रिय
पाकिस्तान के तीन आतंकवादी संगठनों के कम से कम 250 आतंकवादी कश्मीर घाटी में सक्रिय हैं जो भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में किये गए लक्षित हमले का ‘‘बदला’ लेने के लिए सुरक्षा बलों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं.
शीर्ष सरकारी सूत्रों ने गुप्तचर सूचना के हवाले से कहा कि लश्करे तैयबा, जैशे मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के 250 आतंकवादियों में से अधिकतर ने लक्षित हमले से पहले 28 और 29 सितम्बर की दरमियानी रात को घुसपैठ की थी। लक्षित हमले में उनके संगठनों को काफी नुकसान पहुंचा था.
सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों को सीमा पार स्थित उनके आकाओं ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे लक्षित हमले का ‘‘बदला’ लेने के लिए कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों को निशाना बनायें. केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर में कार्यरत सुरक्षा बलों से कहा है कि वे अधिकतम स्तर की सतर्कता बरतें और आतंकवादियों द्वारा उन्हें निशाना बनाने के लिए किसी भी प्रयास को असफल करने के सभी ऐहतियात बरतें.
सूत्रों ने कहा कि यद्यपि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सतर्कता बढा दी गई है लेकिन क्षेत्र की मुश्किल स्थलाकृति ऐसी है कि कई स्थान घुसपैठ के लिहाज से संवेदनशील हैं. सूत्रों ने कहा कि सीमा पार से घुसपैठ के किसी भी ताजा प्रयास को विफल करने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से सभी प्रयास किये जा रहे हैं. ऐसी गुप्तचर जानकारी है कि आतंकवादी विभिन्न दिशाओं से कश्मीर के साथ ही जम्मू क्षेत्र में घुसपैठ की योजना बना रहे हैं.
सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना की ओर से नियंत्रण रेखा के पार किये गए लक्षित हमले में लश्करे तैयबा के आतंकवादी ठिकाने को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा. पकडे गए रेडियो संदेशों से मिले संकेतों के अनुसार इसमें उसके करीब 20 आतंकवादी मारे गए हैं.
हाल में हुए लक्षित हमले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना की जमीनी इकाइयों की आकलन रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर स्थित लश्करे तैयबा के दुदनियाल आतंकवादी ठिकाने को सबसे अधिक नुकसान पहंुचा है. सेना की यह आकलन रिपोर्ट पाकिस्तान की विभिन्न इकाइयों के बीच हुई रेडियो बातचीत पर आधारित है.
नियंत्रण रेखा पर किसी भी हरकत से निपटने को तैयार है सेना
पीओके में आतंकी शिविरों पर लक्षित हमले किए जाने के बाद पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम के उल्लंघन की घटनाएं बढने की पृष्ठभूमि में सेना ने आज कहा कि नियंत्रण रेखा पर उसके जवान चौकस हैं और वे किसी भी हरकत का माकूल जवाब देने के लिए तैयार हैं.
नियंत्रण रेखा से लगे नौशेरा सेक्टर में एक सैन्य अधिकारी ने कहा, ‘‘पूरी तैयारी है. हम अलर्ट हैं. हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि हमारी एलओसी सुरक्षित रहनी चाहिए।’ सेना आज मीडियाकर्मियों के एक दल को नियंत्रण रेखा पर वहां के हालात के बारे में जानकारी देने के लिए ले गई.
सेना के अधिकारी ने संवाददाओं से कहा, ‘‘एलओसी पर सुरक्षा की पूरी तैयारी है. जवान जोश में हैं और उनका हौसला बुलंद है. हमारे सैनिक एलओसी पर किसी भी हरकत का जवाब देने के लिए 24 घंटे तैयार हैं’ अधिकारी ने कहा कि पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था है और घुसपैठ रोधी उपायों को बढाया गया है ताकि आतंकवादियों की घुसपैठ अथवा बीएटी के किसी हमले को नाकाम किया जा सके.
भारत ने पाकिस्तान के सीमा कार्रवाई बल (बीएटी) को जनवरी, 2013 में अपने दो सैनिकों की निर्मम हत्या और दूसरे कई हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया था। अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे जवान नजदीकी नजर बनाए हुए हैं और किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए किसी भी हरकत को लेकर चौकसी बरत रहे हैं.’ हाल के दिनों में पाकिस्तान की ओर से नियंत्रण रेखा पर 26 बार संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया है जिनमें चार जवान और पांच नागरिक घायल हो गए तथा 11 दुकानें जलकर खाक हो गईं.
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