पटना के बाद अब गया की बारी, फल्गु नदी के किनारे बनेगा 16 किमी लंबा मरीन ड्राइव, मंत्री ने किया ऐलान

Edited by Paritosh Shahi
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सांकेतिक फोटो

Marine Drive Project: गया जिले में बोधगया से चाकंद के बीच फल्गु नदी किनारे मरीन ड्राइव बनाने की तैयारी शुरू हो गई है. इससे ट्रैफिक जाम कम होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. इसके अलावा ग्रामीण सड़कों का भी चौड़ीकरण किया जाएगा.

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Marine Drive Project: बिहार की राजधानी पटना में गंगा किनारे बने मरीन ड्राइव का जलवा तो आपने देखा ही होगा. अब वैसा ही कुछ अद्भुत गया में भी होने जा रहा है. बिहार सरकार के मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने ऐलान किया है कि गया की फल्गु नदी के किनारे भी एक शानदार मरीन ड्राइव बनाया जाएगा.

जाम से मिलेगी छुट्टी

यह मरीन ड्राइव बोधगया से लेकर चाकंद के बीच बनेगा. इसकी कुल लंबाई करीब 16 किलोमीटर होगी. अभी बोधगया और गया शहर के बीच जो ट्रैफिक का सिरदर्द बना रहता है, यह सड़क उसे पूरी तरह खत्म कर देगी. देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को अब घंटों जाम में नहीं फंसना पड़ेगा. वे फल्गु नदी के किनारे-किनारे सुकून भरा सफर कर सकेंगे.

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गांवों की भी चमकेगी किस्मत

मंत्री ने साफ किया कि विकास की यह लहर सिर्फ गया शहर तक ही सीमित नहीं रहेगी. सरकार ने ग्रामीण इलाकों की सड़कों के लिए भी तिजोरी खोल दी है. इमामगंज से पकरी (वाया कोठी सलैया) तक जाने वाली एक लेन की सड़क को अब दो लेन में बदला जाएगा. इसके लिए फंड भी आवंटित कर दिया गया है, यानी काम जल्द शुरू होने वाला है.

जायसवाल ने कहा कि यह प्रोजेक्ट गया के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आएगा. जब मरीन ड्राइव बनकर तैयार होगा, तो न सिर्फ यातायात सुगम होगा, बल्कि नदी के किनारे का इलाका टूरिज्म स्पॉट के रूप में उभरेगा. इससे लोकल लोगों को रोजगार मिलेगा और शहर का लुक एकदम स्मार्ट हो जाएगा.

सरकार के डिसीजन से गया अब एक आधुनिक शहर बन जायेगा. मरीन ड्राइव से न केवल शहर की कनेक्टिविटी बढ़ेगा, बल्कि गया जी के विकास में एक नया अध्याय जोड़ेगा.

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Paritosh Shahi

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By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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