ममता बनर्जी की कार पर चप्पल और कीचड़ फेंके गये, लगे ‘चोर-चोर’ के नारे, बीजपुर में हंगामा

Updated:
विज्ञापन

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी.

Mamata Banerjee Car Attacked: कांचरापाड़ा में टीएमसी नेता के पति की पुलिस कस्टडी में मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं पूर्व सीएम ममता बनर्जी को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. गाड़ी पर चप्पल और कीचड़ फेंके गये. चोर-चोर के नारे भी लगे. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

विज्ञापन

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी को रविवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा. ममता बनर्जी की कार पर चप्पल और कीचड़ फेंके गये. उनके खिलाफ लोगों ने ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाये. घटना बीजपुर विधानसभा क्षेत्र के कांचरापाड़ा में हुई.

भीड़ ने ममता के काफिले को घेरा

ममता बनर्जी एक टीएमसी (TMC) कार्यकर्ता की पुलिस हिरासत में हुई संदिग्ध मौत के बाद पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचीं थीं. इसी दौरान उनके काफिले को लोगों ने घेर लिया. प्रदर्शनकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी पर फटे जूते-चप्पल और कीचड़ फेंका तथा ‘चोर-चोर’ के नारे लगाये.

टीएमसी नेता जेनी शर्मा से मिलने पहुंचीं थीं ममता

मामला कांचरापाड़ा नगरपालिका के वार्ड नंबर 23 की पूर्व टीएमसी पार्षद जेनी शर्मा केवट के पति बिरजू केवट की पुलिस हिरासत में हुई मौत से जुड़ा है. रंगदारी समेत कई गंभीर आरोपों में हालीशहर थाने की पुलिस ने बिरजू को गिरफ्तार किया था. कोर्ट ने उसे 5 दिनों की पुलिस कस्टडी में भेजा था. शनिवार को लॉकअप में ही उसकी मौत हो गयी.

ये भी पढ़ें: सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला, कपड़े फाड़े, जूते-पत्थर और अंडे बरसाये, CID ने भी कसा शिकंजा

बिरजू के परिवार को सांत्वना देने गयीं थीं ममता

परिजनों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से बिरजू की जान गयी है. इसी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने जब पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी उसके घर पहुंचीं, तो वहां पहले से मौजूद बीजेपी समर्थकों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया.

ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी ने दिखाये आक्रामक तेवर, कहा- मुझे रोकना है तो मार डालो, गद्दारों के आगे नहीं झुकूंगी

बंगाल लंपटों के हाथ में, पुलिस दे रही सुरक्षा : ममता

अपनी गाड़ी पर हमले और नारेबाजी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपने गुस्से का इजहार किया. उन्होंने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन पर तीखा हमला बोला. ममता बनर्जी ने सीधे तौर पर पुलिस मंत्री व वर्तमान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को निशाने पर लिया.

सुरक्षा की बात भूल जाइए, पुलिस यहां लंपट और गुंडों को संरक्षण दे रही है. पूरा बंगाल आज गुंडों के हाथों में चला गया है. मेरी गाड़ी पर बड़े-बड़े पत्थर और ईंटें फेंकी गयीं हैं. हम इस पूरे मामले के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और केस दर्ज करायेंगे. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बीजेपी जान-बूझकर इलाके में अशांति फैलाने के लिए गुंडों का इस्तेमाल कर रही है. -ममता बनर्जी, पूर्व मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

ये भी पढ़ें: अभिषेक बनर्जी की बढ़ी मुश्किलें, अब 1000 करोड़ के जमीन घोटाले का लगा आरोप

सांसद कल्याण बनर्जी और डोला सेन को भी झेलना पड़ा विरोध

ममता बनर्जी के काफिले में लोकसभा सांसद कल्याण बनर्जी और राज्यसभा सांसद डोला सेन भी शामिल थे. बीजेपी कार्यकर्ताओं के उग्र तेवर को देखते हुए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी. पूरे रास्ते पूर्व मुख्यमंत्री की गाड़ी को सुरक्षा घेरे में रखकर बाहर निकालना पड़ा. टीएमसी सांसदों ने भी राज्य प्रशासन की ढिलाई पर भारी नाराजगी जतायी.

जनता ने ममता बनर्जी का किया विरोध : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इलाके में तनाव फैलाने और लोगों को उकसाने के लिए गयीं थीं. इसका स्थानीय जनता ने स्वतःस्फूर्त विरोध किया है.


विज्ञापन
मिथिलेश झा

लेखक के बारे में

By मिथिलेश झा

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola