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पाकिस्तान पर आज निर्णायक दिन : प्रधानमंत्री मोदी ले सकते हैं बड़ा फैसला

Updated at : 29 Sep 2016 8:35 AM (IST)
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पाकिस्तान पर आज निर्णायक दिन : प्रधानमंत्री मोदी ले सकते हैं बड़ा फैसला

नयी दिल्ली : पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा छीनने के संबंध में होने वाली बैठक टल गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अब यह बैठक अगले सप्ताह होगी. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की अहम बैठक कर रहे हैं. इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी भी […]

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नयी दिल्ली : पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा छीनने के संबंध में होने वाली बैठक टल गई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार अब यह बैठक अगले सप्ताह होगी. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज कैबिनेट की सुरक्षा मामलों की समिति की अहम बैठक कर रहे हैं. इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं. सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में प्रधानमंत्री पाकिस्तान के साथ युद्धविराम समझौता को तोड़ने पर फैसला ले सकते हैं, जो 2003 से लागू है और पाकिस्तान जिसका बार-बार उल्लंघन करता रहा है. कुछ देर बाद मामले को लेकर विदेश मंत्रालय प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला है इसके बाद ही बैठक के संबंध में कुछ ठोस बातें निकलकर सामने आने की उम्मीद है. आपको बता दें कि उरी हमले के बाद पाकिस्तान को घेरने के लिए पीएम मोदी आज पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन (एमएफएन) का दर्जा छीनने के संबंध में आज समीक्षा बैठक करने वाले थे.

जानकारों की माने तो यदि भारत की ओर से यह कार्रवाई की जाती है तो पाकिस्तान के अर्थव्यवस्था की कमर टूटना तय है. उल्लेखनीय है कि 1999 में जब करगिल युद्ध हुआ तब भी भारत ने पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन यानि सबसे पसंदीदा देश का दर्जा नहीं छीना था. 2008 में मुंबई में हमला हुआ तब भी भारत ने पाकिस्तान को छोड़ दिया था. पठानकोट हमले के बाद भी भारत ने संयम बरता था. सिंधु नदी जल संधि के बाद भारत अब पाकिस्तान को दिये व्यापार के लिहाज से तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) के दर्जे की समीक्षा करेगा.

मामले को लेकर पीएम मोदी ने आज समीक्षा बैठक करने वाले थे जिसमें वाणिज्य मंत्रालय व विदेश मंत्रालय के अधिकारी के शमिल होने की खबर थी. उड़ी आतंकी हमले के बाद भारत पड़ोसी को कड़े संदेश देने की कोशिश में जुटा है. मोस्ट फेवर्ड नेशन के दर्जे पर पुनर्विचार उसी कड़ी का हिस्सा है.

1996 में दिया था एमएफएन का दर्जा
भारत ने पाक को 1996 में एमएफएन का दर्जा दिया था. बार-बार भरोसे के बाद भी पाक की तरफ से भारत को यह दर्जा अब तक नहीं दिया गया है. इस वजह से भी मांग होती रही है कि पाकिस्तान से ये दर्जा छीन लिया जाये. यह दर्जा विश्व व्यापार संगठन के शुल्क व व्यापार सामान्य समझौते के तहत दिया गया है. उद्योग मंडल एसोचैम के मुताबिक 2015-16 में भारत के 641 अरब डॉलर के कुल वस्तु व्यापार में पाकिस्तान का हिस्सा मात्र 2.67 अरब डॉलर रहा.

क्या है एमएफएन स्टेट्स
वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन और इंटरनेशनल ट्रेड नियमों को लेकर एमएफए स्टेट्स दिया जाता है. एमएफएन दिये जाने पर दूसरे देश इस बात को लेकर आश्वस्त रहता है कि उसे व्यापार में नुकसान नहीं पहुंचाया जायेगा. भारत ने पाकिस्तान को 1996 में एमएफएन का दर्जा दिया था. इसकी वजह से पाकिस्तान को अधिक आयात कोटा और कम ट्रेड टैरिफ मिलता है.

दक्षेस सम्मेलन में हिस्सा नहीं लेगा भारत
भारत और पाकिस्तान में तनाव बढ़ने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसलामाबाद में नवंबर में होनेवाले दक्षेस शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेंगे. भारत ने मंगलवार की रात कहा कि एक देश ने ऐसा माहौल बना दिया है, जो शिखर सम्मेलन के सफल आयोजन के अनुकूल नहीं है. भारत ने दक्षेस के मौजूदा अध्यक्ष नेपाल को अवगत करा दिया है. इसमें कहा गया है कि मौजूदा परिदृश्य में भारत सरकार इसलामाबाद में प्रस्तावित सम्मेलन में शामिल होने में असमर्थ है. अफगानिस्तान, बांग्लादेश और भूटान अन्य देश हैं, जिन्होंने सम्मेलन में शामिल नहीं होने की बात की है. सम्मेलन आगामी नवंबर महीने में इसलामाबाद में होना है. पाकिस्तान ने दक्षेस शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेने के भारत के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.

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