ओडिशा : नक्सली हमले में बीएसएफ अधिकारी, जवान शहीद

कोरापुट (भुवनेश्वर) : ओडिशा के कोरापुट जिले के जंगलों में एक मोटरसाइकिल से गश्त लगाते वक्त नक्सलियों द्वारा किये गये आईईडी विस्फोट में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी और एक जवान की मौत हो गई. नक्सलियों ने यह हमला ऐसे दिन किया जब मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने वाम चरमपंथ को ओडिशा के लिए […]
कोरापुट (भुवनेश्वर) : ओडिशा के कोरापुट जिले के जंगलों में एक मोटरसाइकिल से गश्त लगाते वक्त नक्सलियों द्वारा किये गये आईईडी विस्फोट में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक अधिकारी और एक जवान की मौत हो गई.
नक्सलियों ने यह हमला ऐसे दिन किया जब मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने वाम चरमपंथ को ओडिशा के लिए चिंता की प्रमुख वजह करार दिया. पटनायक ने कहा कि बोलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल और बौध जिलों की हालिया क्रियाकलाप चिंताजनक हैं और उसने असरदार तरीके से निपटा जाना चाहिए.
यह घटना अपराह्न एक बजे की है जब बीएसएफ के करीब 20 जवानों का एक दल दस मोटरसाइकिलों पर जिले के डंडाबाडी गोव में संचालन संबंधी कार्य से लौट रहा था और टीम कमांडर एवं उनके जवान वाली पहली बाइक कालियाझूला जंगलों के कच्चे रास्ते पर छिपाकर लगाए गए बम में हुए विस्फोट में फंस गई.
बाइक चला रहे जवान कांस्टेबल एसपी पांडा की मौके पर मौत हो गई जबकि बाइक पर पीछे बैठे दल कमांडर उपकमांडेंट सुनील कुमार बेहरा ने बाद में कोरापुट जिला मुख्यालय अस्पताल में दम तोड़ दिया. अधिकारियों ने कहा कि नक्सलियों द्वारा सड़क के नीचे छिपाकर लगाए गए आईईडी से हुए विस्फोट में दो लोगों को गंभीर चोटें आइ’.
उन्होंने कहा कि इस विस्फोट के प्रभाव से बाइक हवा में उछल गई और बाइक पर सवार बाकी की नौ टीमों ने छिपे माओवादियों से मुठभेड के संदेह में अपनी जगह ले ली. अधिकारियों ने कहा, ‘‘हालांकि नक्सलियों ने गश्तदल पर भारी गोलीबारी नहीं की और वे कुछ गोलियां चलाकर जंगल से भाग गये.” उन्होंने कहा कि बीएसएफ टीम संदिग्ध माओवादी कार्यकर्ताओं द्वारा एक आम नागरिक की हत्या की खबर के सत्यापन के बाद डांडाबाडी गोव से रामागिरि में अपने आधार शिविर पर लौट रही थी.
कोरापुट पुलिस ने कहा कि हथियारों से लैस माओवादियों के एक समूह ने कल देर रात जिले के डांडाबाडी गांव में बापी सामंत नाम के एक व्यापारी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. उन्होंने कहा कि बारुदी सुरंग विस्फोट का स्थल डांडाबाडी से करीब चार किलोमीटर की दूरी पर है.
अधिकारियों ने कहा कि वाम चरमपंथ क्षेत्रों में जंगल के रास्तों में आईईडी और छिपे विस्फोट में फंसने से बचने के लिए जवान चार पहिया वाहनों का बहुत कम प्रयोग करते हैं और आवागमन के लिए मोटरसाइकिलों पर भरोसा करते हैं. बीएसएफ ने इस घटना पर ‘कोर्ट आफ इंक्वायरी’ गठित की है और विस्फोट वाले क्षेत्र तथा आस पास के गांवों में खोजी अभियान के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है.
पटनायक ने यहां वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के वार्षिक सम्मेलन में कहा, ‘‘वाम शाखा चरमपंथ राज्य के लिए प्रमुख चिंता बना हुआ है. हम अपने पडोसी राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों मंे इस समस्या को काबू करने में सक्षम हुए हैं लेकिन बोलांगीर, कालाहांडी, कंधमाल और बौध जिलों में माओवादी कार्यकर्ताओं के हालिया आवागमन और गतिविधियां चिंताजनक हैं.”
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By Prabhat Khabar Digital Desk
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