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व्यापमं घोटाला : व्हिसलब्लोअर आशीष चतुर्वेदी ने कहा सीएम चौहान घोटाले में लिप्त, मेरी जान को गंभीर खतरा

Updated at : 06 Jul 2015 6:29 PM (IST)
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व्यापमं घोटाला : व्हिसलब्लोअर आशीष चतुर्वेदी ने कहा सीएम चौहान घोटाले में लिप्त, मेरी जान को गंभीर खतरा

भोपाल/नयी दिल्ली : व्यापमं घोटाले को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए आज उस समय परेशानी और बढ गई जब राज्य बोर्ड द्वारा भर्ती की गई एक प्रशिक्षु महिला पुलिस उपनिरीक्षक एक तालाब में मृत पाई गई. इस पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त किए जाने तथा निष्पक्ष जांच की मांग […]

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भोपाल/नयी दिल्ली : व्यापमं घोटाले को लेकर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए आज उस समय परेशानी और बढ गई जब राज्य बोर्ड द्वारा भर्ती की गई एक प्रशिक्षु महिला पुलिस उपनिरीक्षक एक तालाब में मृत पाई गई. इस पर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त किए जाने तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है.वहीं इस मामले के व्हिसलब्लोअर आशीष चतुर्वेदीने भी मुख्यमंत्री चौहान पर घोटाले में संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी जान को गंभीर खतरा है.
एक संबंधित घटनाक्रम में उच्चतम न्यायालय उस याचिका पर सुनवाई करने को सहमत हो गया जिसमें राज्य में प्रवेश एवं भर्ती घोटाले में कथित संलिप्तता के लिए मध्यप्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव को हटाए जाने की मांग की गई है. व्हिसलब्लोअर आशीष चतुर्वेदी (26) ने दावा किया कि उनके जीवन को गंभीर खतरा है और आरोप लगाया कि घोटाले में मुख्यमंत्री चौहान सीधे तौर पर संलिप्त हैं. मुख्यमंत्री ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है. पिछले दो दिन से हो रही मौतों की कडी में आज सुबह प्रशिक्षु महिला पुलिस उपनिरीक्षक अनामिका सिकरवार(25) का शव मध्यप्रदेश के सागर जिला मुख्यालय में पुलिस प्रशिक्षण अकादमी के नजदीक एक तालाब से मिला. यह घटना व्यापमं घोटाले की कवरेज कर रहे पत्रकार अक्षय सिंह की झाबुआ में और फर्जी परीक्षार्थियों की जांच कर रहे जबलपुर मेडिकल कॉलेज के डीन अरुण शर्मा की दिल्ली में द्वारका स्थित एक होटल में हुई रहस्यमय मौतों के बाद हुई है.
सागर के पुलिस अधीक्षक गौतम सोलंकी ने कहा कि उन्हें संदेह है कि अनामिका की मौत आत्महत्या का मामला है. उनका चयन व्यापमं द्वारा आयोजित परीक्षा में उप निरीक्षक के रूप में हुआ था, लेकिन पुलिस ने कहा कि उनके चयन का व्यापमं घोटाले से कोई लेना देना नहीं था और वह संदिग्ध लाभार्थियों में शामिल नहीं थीं. मुख्यमंत्री ने तुरंत इस बात को खारिज किया कि घटना व्यापमं जांच से जुडी है. उन्होंने कहा, यह दुखद एवं दुर्भाग्यूपर्ण घटना है. लेकिन पूरी जिम्मेदारी के साथ मैं कहता हूं कि दुर्भाग्यपूर्ण घटना का व्यापमं या इसकी जांच से कोई संबंध नहीं है. और इस तरह की सभी दुर्भाग्यूपर्ण घटनाओं को व्यापमं से जोडना उचित नहीं है. उच्चतम न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग करने वाली कांग्रेस ने चौहान पर हमला तेज करते हुए उन्हें बर्खास्त करने की मांग की जिससे निष्पक्ष जांच हो सके और कहा कि वह 45 मौतों की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते जिनका मुद्दे से कुछ संबंध है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने नयी दिल्ली में कहा, शिवराज सिंह चौहान को बर्खास्त किया जाना चाहिए और व्यापमं घोटाले में निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए. मध्य प्रदेश में सत्तारुढ भाजपा ने भोपाल में कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह मौतों पर राजनीति कर रही है और शर्मा की मौत मामले से संबंधित नहीं है.
प्रशिक्षु उपनिरीक्षक की मौत घोटाले से संबंधित : दिग्विजय सिंह
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि महिला प्रशिक्षु उपनिरीक्षक की मौत घोटाले से संबंधित है. उन्होंने ट्वीट किया, व्यापमं के जरिए भर्ती की गई प्रशिक्षु महिला पुलिसकर्मी ने सागर पुलिस अकादमी मप्र में आत्महत्या की. 46वीं या 47वीं(मौत)? उनके द्वारा दिया गया यह संदर्भ व्यापमं घोटाला सामने आने के बाद से 45 लोगों की रहस्यमयी मौत से संबंधित है. राज्य सरकार जहां इन मौतों का आंकडा 25 बताती है, वहीं कांग्रेस का कहना है कि यह 45 से ज्यादा है. टीवी पत्रकार अक्षय सिंह(38) की शनिवार को उस समय रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी जब उन्होंने मृत पाई गई उस लडकी के माता-पिता का साक्षात्कार लिया जिसका नाम प्रवेश एवं भर्ती घोटाले में आया था. डीन अरुण शर्मा कल मृत पाए गए थे. चाको ने कहा कि मुख्यमंत्री बच नहीं सकते और जिम्मेदारी लेनी चाहिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ. उन्होंने दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा, प्रधानमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए और देश में जो हो रहा है, उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए. पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने इस बात पर जोर दिया कि मध्य प्रदेश सरकार को अगली असामान्य मौत से पहले सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए. उन्होंने ट्वीट किया, व्यापमं का सबक : 1 अदालत की निगरानी स्वतंत्र जांच की गारंटी नहीं देती. कार्यपालिका की जिम्मेदारी बनती है. मप्र सरकार को अगली असामान्य मौत से पहले सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए. कांग्रेस के तीखे हमले के बीच केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजिजू ने कहा, गृहमंत्री चिंतित हैं और इसीलिए उन्होंने कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री से बात की है.
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