भारत को जीएम फसल के बारे में बेवजह की आशंका नहीं होनी चाहिये: विशेषज्ञ
Updated at : 20 Feb 2015 8:44 PM (IST)
विज्ञापन

नयी दिल्ली : केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार आर चिदंबरम ने आज कहा कि भारत के द्वारा दलहनों, सब्जियों और खाद्य तेलों के भारी मात्र में आयात को कम करने के लिए और अधिक मात्र में जीन स्तर पर संवर्धित (जीएम) फसलों को विकसित करने की आवश्यकता है. चिदंबरम ने कहा कि हालांकि भारत […]
विज्ञापन
नयी दिल्ली : केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार आर चिदंबरम ने आज कहा कि भारत के द्वारा दलहनों, सब्जियों और खाद्य तेलों के भारी मात्र में आयात को कम करने के लिए और अधिक मात्र में जीन स्तर पर संवर्धित (जीएम) फसलों को विकसित करने की आवश्यकता है.
चिदंबरम ने कहा कि हालांकि भारत ने अनाजों के मामले में आत्मनिर्भरता हासिल कर ली है लेकिन दलहनों और खाद्य तेलों के मामले में अभी भी कमी बनी हुई है जिसके कारण बडी मात्रा में इससे संबंधित जिंसों का आयात करना पडता है.वह आईएआरआई के एक दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे.
उन्होंने कहा कि हमें इन सब चुनौतियों से निबटने के लिए सुरक्षा को सुनिश्चित करने के बाद जहां कहीं भी जररत हो जीएम फसलों को विकसित और इसका इस्तेमाल करना चाहिये और बेवजह की आशंकाओं के प्रवाह में नहीं आना चाहिये. उसी समय उन्होंने युवा वैज्ञानिकों को ऐसी प्रौद्योगिकी को विकसित करने को कहा जो किसी भी स्थान और किसी भी मौसम में गुणवत्ता युक्त सब्जियों और फलों का उत्पादन कर सकते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




