Harivansh Narayan Singh : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राज्यसभा के उपसभापति रहे हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं. प्रधानमंत्री ने उन्हें उनके अगले संसदीय कार्यकाल के लिए बधाई दी है. राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किए जाने के बाद हरिवंश ने एक्स पर पोस्ट लिखकर राष्ट्रपति का हृदय से आभार व्यक्त किया. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कृतज्ञता व सम्मान भी प्रकट किया और गृह मंत्री अमित शाह और मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों और वरिष्ठों को धन्यवाद दिया. सम्मानित बुद्धिजीवी और विचारक हैं हरिवंश हरिवंश जी ने पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में अमूल्य योगदान दिया है। वे एक सम्मानित बुद्धिजीवी और विचारक हैं। उन्होंने अपने गहन विचारों और अंतर्दृष्टि से पिछले कुछ वर्षों में सदन की कार्यवाही को समृद्ध किया है। मुझे प्रसन्नता है कि माननीय राष्ट्रपति जी ने उन्हें राज्यसभा के लिए…— Narendra Modi (@narendramodi) April 10, 2026 प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट लिखकर हरिवंश नारायण सिंह के योगदानों की तारीफ की है. प्रधानमंत्री ने लिखा है कि हरिवंश ने पत्रकारिता और सार्वजनिक जीवन में बहुत कीमती योगदान दिया है. वे एक सम्मानित बुद्धिजीवी और विचारक हैं. अपने गहरे विचारों और समझ से, उन्होंने पिछले कुछ सालों में सदन की कार्यवाही को बेहतर बनाया है. मुझे खुशी है कि राष्ट्रपति ने उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किया है, आने वाले संसदीय कार्यकाल के लिए उन्हें मेरी शुभकामनाएं. 9 अप्रैल को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था. वे दो बार बिहार से जदयू सदस्य के रूप में चुने गए थे. वे 2018 से राज्यसभा के उपसभापति के रूप में काम कर रहे हैं. संविधान के अनुच्छेद 80 में क्या है, जिसके तहत मनोनीत किए गए हरिवंश संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड(3) के साथ पठित खंड (1) के उपखंड (क) में वर्णित शक्तियों का प्रयोग करते हुए राष्ट्रपति ने हरिवंश नारायण सिंह को राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनीत किया है. संविधान के इस अनुच्छेद में यह बताया गया है कि राज्यसभा की संरचना कैसी होगी और इसके सदस्य कौन होंगे. अनुच्छेद 80 में यह बताया गया है कि राज्यसभा में राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और राष्ट्रपति द्वारा नामित व्यक्ति होंगे.अनुच्छेद का खंड 3 यह बताता है कि राष्ट्रपति किस तरह के लोगों को नामित कर सकते हैं. इसमें साहित्य, विज्ञान, कला और समाज सेवा से जुड़े लोगों को नामित किया जाता है. खंड 3 के पठित खंड 1 का मतलब है कि यह राष्ट्रपति को नामांकन की शक्ति देता है. राष्ट्रपति राज्यसभा में 12 ऐसे व्यक्तियों को नामित कर सकते हैं, जो ऊपर वर्णित क्षेत्रों के विशेषज्ञ हों. ये भी पढ़ें : हरिवंश फिर बने राज्यसभा के सदस्य, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने किया मनोनीत धोनी को अपनी प्रेरणा मानते हैं मुकुल चौधरी,लखनऊ सुपर जायंट्स को दिलाई अंतिम गेंद पर जीत लखनऊ की जीत का जश्न आवेश खान ने बिना हेलमेट के मनाया, तो दर्शकों को याद आया 2023 का विवाद