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कोविशील्ड ली है, तो इन 17 यूरोपीय देशों की यात्रा में नहीं होगी परेशानी, मिली मान्यता

17 European countries recognized Covishield इस संबंध में सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने एक ट्वीट किया है और ट्वीट कर उन्होंने जानकारी दी है कि कोविशील्ड को 17 देशों ने मान्यता दी है उन्होंने यह भी कहा है कि इन देशों की यात्रा से पहले एंट्री गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ लेने की जरुरत है.

By Prabhat khabar Digital
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17 European countries recognized  Covishield
17 European countries recognized Covishield
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कई देशों ने बगैर वैक्सीनेशन के यात्रा पर रोक लगा रखी है. इस बीच बड़ी खबर है कि अब 17 यूरोपीय देशों ने कोविशील्ड को मान्यता दे दी है. इस मान्यता के बाद अगर आप इन देशों की यात्रा करना चाहते हैं तो अब आपको आसानी होगी.

इस संबंध में सीरम इंस्टिट्यूट के सीईओ अदार पूनावाला ने एक ट्वीट किया है और ट्वीट कर उन्होंने जानकारी दी है कि कोविशील्ड को 17 देशों ने मान्यता दी है हालांकि उन्होंने यह भी कहा है कि इन देशों की यात्रा से पहले एंट्री गाइडलाइंस को ध्यान से पढ़ लेने की जरुरत है.

पूनावाला ने अपने ट्वीट में लिखा, वास्तव में यात्रियों के लिए अच्छी खबर है. सोलह यूरोपीय देश प्रवेश के लिए वैक्सीन के रूप में COVISHIELD को मान्यता दे रहे हैं. हालांकि, टीकाकरण के बावजूद, प्रवेश दिशानिर्देश अलग-अलग देशों में भिन्न हो सकते हैं, इसलिए यात्रा करने से पहले इन्हें पढ़ लेना जरूरी है.

जर्मनी, नीदरलैंड्स और फ्रांस समेत यूरोपीय संघ (EU) के 16 देशों ने कोविशील्ड को मान्यता दे दी है. स्विटजरलैंड ने भी कोविशील्ड को मान्यता दी है. स्विटजरलैंड ईयू का सदस्य नहीं है लेकिन कुल 17 देश है जहां इस वैक्सीन को लेने के बाद प्रवेश में आसानी होगी.

दुनियाभर के कई देश अब बगैर वैक्सीनेशन के लोगों के प्रवेश पर रोक लगा रहे हैं. वैक्सीनेशन भी किसी भी वैक्सीन से नहीं यहां प्रवेश के लिए वही वैक्सीन लेनी होगी जिसे इस देश ने मान्यता दे रखी है. वैक्सीनेशन के बाद आपकी यात्रा ज्यादा आसान हो सकती है.

संस्थान छोटा - बड़ा नहीं होता काम छोटा या बड़ा होता है और कई कहानियां गवाह हैं सफल होने का रास्ता हमेशा संघर्षों से होकर ही गुजरता है. द फॉलोअप की टीम छोटी है लेकिन काम करने की भूख और कुछ अलग करने का जुनून दिखता है. इसके कई वीडियो मीलियन के आंकड़े पर खड़े हैं. दफ्तर सामानों और बेहतर उपकरणों से नहीं बनता दफ्तर बनाता है मेहनती और ऐसे जुनूनी लोगों से. कई साथी और बड़े भाईयों के कांधों इस संस्थान की जिम्मेदारी है कल वक्त मिला तो इनसे मिलकर ऊर्जा लेकर लौटा हूं. द फोलोअप की पूरी टीम को शुभकामनाएं..

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