ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भारत पहुंचे,परमाणु करार की संभावना

Updated at : 04 Sep 2014 10:48 AM (IST)
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ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भारत पहुंचे,परमाणु करार की संभावना

मुंबई: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट दो दिवसीय यात्रा पर आज सुबह भारत पहुंचे. एबॉट की इस यात्रा के दौरान दोनो देशों के बीच परमाणु करार होने के संकेत हैं. इसके साथ ही दोनों देश अपने रणनीतिक संबंधों को गहरा करने तथा द्विपक्षीय व्यापार एवं वाणिज्य को मजबूती देने के उपायों पर विचार करेंगे. प्रधानमंत्री […]

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मुंबई: ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी एबॉट दो दिवसीय यात्रा पर आज सुबह भारत पहुंचे. एबॉट की इस यात्रा के दौरान दोनो देशों के बीच परमाणु करार होने के संकेत हैं. इसके साथ ही दोनों देश अपने रणनीतिक संबंधों को गहरा करने तथा द्विपक्षीय व्यापार एवं वाणिज्य को मजबूती देने के उपायों पर विचार करेंगे.

प्रधानमंत्री एबॉट आज सुबह विमान से भारत की वित्तीय राजधानी पहुंचे. आज का दिन वह मुंबई में बिताएंगे और इस दौरान वह प्रमुख उद्योगपतियों और कुछ चुनींदा भारतीय मुख्य कार्यपालक अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे.

एबॉट आज ऑस्ट्रेलिया सरकार की भारत में नई कोलंबो योजना (न्यू कोलंबो प्लान) के लॉन्च के लिए आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे. इसके अलावा वह आज भारतीय क्रिकेट क्लब में ऑस्ट्रेलिया के वरिष्ठ खिलाड़ी एडम गिलक्रिस्ट और ब्रेट ली द्वारा युवा क्रिकेटरों को सम्मानित किए जाने वाले समारोह में भी शिरकत करेंगे. इस समारोह मे एबॉट के साथ साथ भारतीय क्रिकेट के महान खिलाडी सचिन तेंदुलकर भी शामिल होंगे. समझा जाता है कि एबॉट खेल के क्षेत्र में एक आशय पत्र पर हस्ताक्षर करेंगे लेकिन इसका ब्यौरा अब तक पता नहीं चल पाया है.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री मुंबई में नवंबर 2008 में हुए आतंकी हमलों का निशाना बने होटल ताज महल पैलेस में, हमले के दौरान मारे गए लोगों की याद में बनाए गए स्मारक पर एबॉट पुष्पचक्र चढाएंगे. शाम को एबॉट राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली रवाना होंगे. समझा जाता है कि वहां असैन्य परमाणु करार पर कोई सकारात्मक पहल हो सकती है. भारत इस करार के लिए 2012 से प्रयास कर रहा है. तब लेबर पार्टी ने परमाणु अप्रसार संधि पर भारत के हस्ताक्षर न करने की वजह से भारत को यूरेनियम की बिक्री करने अपना फैसला बदल दिया था.
भारत यात्रा से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई संसद में कहा था मुझे परमाणु सहयोग करार पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया भारत को यूरेनियम की बिक्री कर सकेगा. एबॉट ने मंगलवार को कहा था कि अगर ऑस्ट्रेलिया रुस को यूरेनियम बेचने के लिए तैयार है तो निश्चित रुप से हमें समुचित सुरक्षा उपायों के दायरे में भारत को यूरेनियम मुहैया कराने के लिए तैयार रहना चाहिए.भारत के संदर्भ में उन्होंने कहा था कि वह :भारत: कानून के तहत काम करने वाला एक लोकतांत्रिक देश है.
भारत ने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं लेकिन एबॉट ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया किसी भी करार पर हस्ताक्षर से पहले पर्याप्त द्विपक्षीय सुरक्षा उपाय जरुर सुनिश्चित करेगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा के दौरान तोक्यो के साथ असैन्य परमाणु समझौता नहीं हो पाया. अब अगर ऑस्ट्रेलिया के साथ असैन्य परमाणु करार होता है तो इससे भारत के उर्जा क्षेत्र को काफी बढावा मिलेगा. यूरेनियम के उत्खनन योग्य संसाधनों के मामले में दुनिया में तीसरे नंबर की हैसियत रखने वाला ऑस्ट्रेलिया हर साल करीब 7,000 टन यूरेनियम का निर्यात करता है.
नई दिल्ली में एबॉट कल राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी, प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज सहित शीर्ष भारतीय नेतृत्व से बातचीत करेंगे. इस दौरान खनन, वित्त और शिक्षा के क्षेत्र में कुछ समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. नयी दिल्ली में कल सुबह राष्ट्रपति भवन में एबॉट का भव्य स्वागत किया जाएगा. इसके बाद वह राजघाट और इंडिया गेट पर पुष्पचक्र अर्पित करेंगे और फिर हैदराबाद हाउस में उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात होगी.
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