ePaper

तेलंगाना बलात्कार-हत्या मामला: मुठभेड़ का सच जानने के लिए SC ने किया न्यायिक जांच टीम का गठन

Updated at : 12 Dec 2019 12:21 PM (IST)
विज्ञापन
तेलंगाना बलात्कार-हत्या मामला: मुठभेड़ का सच जानने के लिए SC ने किया न्यायिक जांच टीम का गठन

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना में पशु चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार और हत्या के चारों आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की न्यायिक जांच का गुरुवार को आदेश दिया. इस मुठभेड़ की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की अध्यक्षता शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश वी एस सिरपुरकर […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना में पशु चिकित्सक से सामूहिक बलात्कार और हत्या के चारों आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने की घटना की न्यायिक जांच का गुरुवार को आदेश दिया. इस मुठभेड़ की जांच के लिये गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की अध्यक्षता शीर्ष अदालत के पूर्व न्यायाधीश वी एस सिरपुरकर करेंगे.

जांच आयोग के अन्य सदस्यों में बंबई उच्च न्यायालय की न्यायाधीश रेखा संदूर बाल्डोटा और सीबीआई के पूर्व निदेशक डी आर कार्तिकेयन शामिल हैं. आयोग को छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट न्यायालय में सौंपनी है। प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की तीन सदस्यीय पीठ ने इसके साथ ही तेलंगाना उच्च न्यायालय और राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग में इस घटना के संबंध में लंबित कार्यवाही पर रोक लगा दी है.

पीठ ने मुठभेड़ के इस मामले में विशेष जांच दल की रिपोर्ट तलब करने के साथ ही कहा कि अगले आदेश तक जांच आयोग के समक्ष लंबित इस मामले में कोई अन्य प्राधिकार इसकी जांच नहीं करेगा. कोर्ट ने तीन सदस्यीय जांच आयोग को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की सुरक्षा मुहैया कराने का भी आदेश दिया है.

शीर्ष अदालत ने कहा कि रिपोर्ट पेश करने की छह महीने की समय सीमा आयोग के समक्ष सुनवाई शुरू होने के पहले दिन से शुरू होगी और इसे छह दिसंबर की घटना की जांच करने के लिये जांच आयोग कानून के तहत सभी अधिकार प्राप्त होंगे. पीठ ने कहा कि इस घटना के बारे में परस्पर विरोधी तथ्यों को देखते हुये सच्चाई का पता लगाने के लिये जांच जरूरी है.

पीठ ने तेलंगाना सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी के इस कथन का भी संज्ञान लिया कि पुलिस आयुक्त स्तर के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल इस घटना की जांच कर रहा है और वह अपनी रिपोर्ट देगा. पीठ को यह भी बताया गया कि विशेष जांच दल इन चार व्यक्तियों की मौत की कारणों की भी जांच कर र ही है जो पशु चिकित्सक की हत्या और बलात्कार के आरोप थे और उन्हें घटनास्थल पर ले जाने वाले खिलाफ पुलिस अधिकारियों की हत्या के प्रयास के आरोप में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी.

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि विशेष जांच दल की जांच के बाद मृत व्यक्तियों पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता और न ही उन्हे सजा दी सकती है. पीठ ने कहा कि हम नहीं समझ पा रहे कि यह कैसे प्रमाणित किया जाये कि ऐसे मुकदमे से इस घटना से संबंधित सच्चाई का पता कभी भी पता लग सकेगा जिसमे कहा जाता है कि पुलिस ने मुठभेड़ की और इसमें चारों आरोपी मारे गये. पीठ ने कहा कि इसलिए हमारी सुविचारित राय है कि छह दिसंबर की सुबह हैदराबाद में चारों आरोपियों के मुठभेड़ में मारे जाने की परिस्थितियों की जांच करने के लिये जांच आयोग गठित करने की आवश्यकता है.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola