मानवाधिकार आयोग ने 1993 से 2016 तक हिरासत में मौत के 31,845 मामले दर्ज किए, इस राज्य में सबसे ज्यादा
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 11 Dec 2019 9:02 AM
विज्ञापन
नयी दिल्लीः राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 1993 में उसकी स्थापना के बाद से अब तक 18 लाख से ज्यादा शिकायतें मिली हैं उनमें से केवल 22,000 ही लंबित हैं. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया की एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह दावा किया गया. मानवाधिकार दिवस पर जारी इस रिपोर्ट के अनुसार देश की शीर्ष मानवाधिकार एजेंसी […]
विज्ञापन
नयी दिल्लीः राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को 1993 में उसकी स्थापना के बाद से अब तक 18 लाख से ज्यादा शिकायतें मिली हैं उनमें से केवल 22,000 ही लंबित हैं. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल इंडिया की एक रिपोर्ट में मंगलवार को यह दावा किया गया. मानवाधिकार दिवस पर जारी इस रिपोर्ट के अनुसार देश की शीर्ष मानवाधिकार एजेंसी ने 2016 तक हिरासत में हुई मौतों के 31,845 मामले दर्ज किये.
आयोग ने 2017 और 2018 के आंकड़े अभी जारी नहीं किये हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष 2007-08 के दौरान हिरासत में मौत के सबसे अधिक 1,977 मामले दर्ज किये गए. रिपोर्ट के अनुसार हिरासत में मौत के सबसे अधिक मामले पंजाब (1,860) में दर्ज किये गए. इसके बाद पश्चिम बंगाल (1,718 मामले) रहा.
अमित
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










