राफेल : सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर बोले राहुल- सरकार जेपीसी गठित कर जांच कराये

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 14 Nov 2019 5:31 PM

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नयी दिल्ली: राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किये जाने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि शीर्ष अदालत के निर्णय से ही इस ‘घोटाले’ की जांच के लिए बड़ी गुंजाइश पैदा हुई है और ऐसे में जांच के लिए अब संयुक्त संसदीय समिति […]

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नयी दिल्ली: राफेल मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा पुनर्विचार याचिकाओं को खारिज किये जाने के बाद कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि शीर्ष अदालत के निर्णय से ही इस ‘घोटाले’ की जांच के लिए बड़ी गुंजाइश पैदा हुई है और ऐसे में जांच के लिए अब संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन होना चाहिए.

उन्होंने ट्वीट किया कि उच्चतम न्यायालय के न्यायमूर्ति जोसेफ ने जो कहा है उससे राफेल घोटाले की जांच के लिए बड़ी गुंजाइश पैदा हुई है. उन्होंने कहा, इस मामले की पूरी तरह जांच शुरू होनी चाहिए. इस घोटाले की जांच के लिए जेपीसी गठित की जाये. उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने राफेल लड़ाकू विमान सौदे मामले में नरेंद्र मोदी सरकार को बृहस्पतिवार को क्लीन चिट देते हुए कहा कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं. न्यायालय ने अपने 14 दिसंबर 2018 के फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया.

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, हमने पाया कि पुनर्विचार याचिकाएं सुनवाई योग्य नहीं हैं. उच्चतम न्यायालय ने राफेल सौदे के संबंध में टिप्पणियों के लिए राहुल गांधी के खिलाफ अवमानना याचिका का निपटारा करते हुए कहा कि उन्हें भविष्य में सावधान रहना चाहिए.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश की शीर्ष अदालत ने किसी भी जांच एजेंसी को जांच से नहीं रोका है और ऐसे में भाजपा सरकार को जीत का जश्न नहीं मनाना चाहिए बल्कि इस घोटाले की जांच करानी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने संवाददाताओं से कहा, उच्चतम न्यायालय ने कहा कि इस मामले की जांच पुलिस सहित सभी एजेंसियां कर सकती हैं. उसने कहा कि हमारा अधिकार क्षेत्र और दायरा सीमित है, लेकिन कोई भी जांच एजेंसी इस पूरे मामले की जांच कर सकती है. न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि न्यायालय का फैसला किसी भी जांच के रास्ते में कोई अड़चन नहीं है.

सुरजेवाला ने कहा, जीत के जश्न का दिन नहीं, बल्कि संजीदगी से जांच कराने का दिन है. भाजपा नेता और मंत्री देश को गुमराह कर रहे हैं. वे सबकी आंखों पर पर्दा डालने चाहते हैं. जेपीसी की जांच जरूरी है. उन्होंने कहा, सच्चाई यह है कि उन सवालों के जवाब सरकार ने नहीं दिये जो कांग्रेस और राहुल गांधी पूछते रहे हैं. पहला सवाल यह है कि भाजपा सरकार ने 30 हजार करोड़ रुपये के ऑफसेट कांट्रैक्ट से हिंदुस्तान एयरनॉटिक्स को क्यों अलग कर दिया? कांग्रेस नेता ने यह सवाल भी किया, यह ठेका 12 दिन पुरानी कंपनी को क्यों दे दिया गया? विमान की कीमत क्यों बढ़ायी गयी? जब 126 विमानों की जरूरत थी तो 36 विमान क्यों खरीदे गये? रक्षा खरीद प्रक्रियाओं की अहवेलना क्यों की गयी? भाजपा सरकार ने देश को ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी से उपेक्षित क्यों किया? विमानों की आपूर्ति आठ साल में क्यों की जा रही है? नरेंद्र मोदी ने विमान की बुनियादी कीमत में 40 फीसदी बढ़ोतरी क्यों की?

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