भाजपा-शिवसेना बना ले सरकार, कांग्रेस-NCP बैठेंगे विपक्ष में : पवार

By Prabhat Khabar Digital Desk
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मुंबई : महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ भाजपा और शिवसेना को जल्द से जल्द सरकार बनाने का सुझाव देने के साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि उनकी पार्टी और सहयोगी पार्टी कांग्रेस ‘जिम्मेदर विपक्ष' की तरह काम करेंगी.

पवार ने शिवसेना के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद संजय राउत से सुबह मुलाकात के बाद संवाददाता सम्मेलन में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने की अटकलों को खारिज कर दिया. पवार ने कहा, प्रश्न ही कहां उठता है (गैर भाजपा सरकार का)? भाजपा और शिवसेना पिछले 25 वर्ष से साथ हैं और वे देर-सवेर साथ आ ही जाएंगे'.

पवार ने कहा, अगर हमारे पास संख्या बल होता, तो हम किसी का इंतजार नहीं करते. कांग्रेस और राकांपा 100 का आंकड़ा पार नहीं कर पाए... हम एक जिम्मेदार विपक्ष के तौर पर काम करेंगे. भाजपा और शिवसेना के पास शासन करने का जनादेश होने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, उन्हें जल्द से जल्द सरकार बना राज्य को संवैधानिक संकट से बचाना चाहिए, और हमें जो जनादेश मिला है(विपक्ष में बैठने का) वह काम हमें करने देना चाहिए.

शिवसेना को समर्थन देने के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से उनकी बातचीत के सवाल पर पवार ने कहा, कांग्रेस और राकांपा ने मिल कर चुनाव लड़ा था. हम चाहते हैं कि राजनीतिक स्थिति के बारे में सभी निर्णय आम सहमति से लिए जाएं. कांग्रेस के फैसले के बारे में मुझे जानकारी नहीं है.

पवार ने फिर से राज्य का मुख्यमंत्री बनने की अटकलों को भी खारिज कर दिया. उन्होंने कहा, मैं चार बार मुख्यमंत्री रह चुका हूं और अब मुझे इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है. केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल के बीच दिल्ली में हुई मुलाकात पर उन्होंने इसे किसी प्रकार का राजनीतिक महत्व देने से इनकार किया और कहा कि, यह सड़क के काम से संबंधित रही होगी.

पवार ने साथ ही कहा कि राउत ने आज बुधवार को उनसे मुलाकात की और उन मुद्दों पर चर्चा की जो 18 नवम्बर से शुरू हो रहे संसद के सत्र में राज्यसभा में एक साथ उन्हें उठाने हैं. राउत ने दावा किया है कि 170 विधायकों के समर्थन से शिवसेना अपना मुख्यमंत्री बनाएगी. इस पर पवार ने हैरानी जताई और कहा कि पार्टी इतनी संख्या कहां से लाएगी.

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ने कहा, मैंने पढ़ा है कि वह कह रहे हैं कि उनके पास 170 विधायकों का समर्थन है। हम भी तलाश रहे हैं कि वे यह करेंगे कैसे. एक पत्रकार ने पवार से प्रश्न किया कि 21 अक्टूबर को महाराष्ट्र में हुए चुनाव ने उस धारणा को बदल दिया है कि किसी भी राज्य में भाजपा के पास बहुमत हो या नहीं हो लकिन भाजपा प्रमुख अमित शाह पार्टी की सरकार बनना सुनिश्चित करते हैं.

इस पर पवार ने कहा, अगर वह विशेषज्ञ हैं, तो आपकी तरह (मीडिया) हम भी विशेषज्ञ का कौशल देखने का इंतजार कर रहे हैं. इस बीच, भाजपा और शिवसेना के जल्द सरकार बनाने के पवार के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा, वह सही कह रहे हैं। 105 विधायकों वाली पार्टी को ही सरकार बनानी चाहिए.

गौरतलब है कि राकांपा ने मंगलवार को कहा था कि शिवसेना द्वारा भाजपा के साथ गठबंधन समाप्त करने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में एक नये राजनीतिक विकल्प पर विचार किया जा सकता है. राकांपा से जुड़े सूत्रों ने बताया था कि उनकी पार्टी शिवसेना के साथ बातचीत आगे बढ़ाने से पहले चाहती है कि केन्द्र सरकार में शिवसेना के इकलौते मंत्री अरविंद सावंत इस्तीफा दें.

राज्य में 24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजों के आने के बाद से अब तक कोई पार्टी सरकार नहीं बना पाई है. विधानसभा चुनाव में भाजपा को 105 सीटें और शिवसेना को 56 सीटें मिलीं.

मुख्यमंत्री पद को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच खींचतान जारी है. शिवसेना इस पद के लिए 50:50 का फार्मूला चाहती है, लेकिन भाजपा इस पर तैयार नहीं है. पिछले विधानसभा चुनाव के विपरीत भाजपा और शिवसेना ने यह चुनाव मिलकर लड़ा था.

288 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा ने इस बार 105 सीटें जीतीं, जबकि शिवसेना 56 सीटों पर विजेता रही. वहीं राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें अपने नाम की हैं. नयी दिल्ली में सोमवार को पवार और कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के बीच,तथा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और भाजपा प्रमुख अमित शाह के बीच कई प्रमुख बैठकें हुई. लेकिन किसी भी बैठक में सरकार गठन को लेकर कोई हल नहीं निकला. वहीं राउत ने एक बार फिर दोहराया कि राज्य में शिवसेना का मुख्यमंत्री बनेगा.

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