दंतेवाड़ा विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में 60.1 फीसदी वोटरों ने किया मताधिकार का प्रयोग

By Prabhat Khabar Digital Desk
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रायपुर : छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा विधानसभा सीट के लिए सोमवार को हुए उपचुनाव में 60.1 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुब्रत साहू ने यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि दंतेवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के लिए सुबह सात बजे मतदान प्रारंभ हुआ तथा मतदान की समाप्ति तक 60.1 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर लिया था. साहू ने बताया कि मतदान प्रतिशत का आंकड़ा अंतिम नहीं है. इसमें परिवर्तन होने की संभावना है. उन्होंने बताया कि वर्ष 2018 में विधानसभा के आम चुनाव में इस विधानसभा क्षेत्र में 60.62 फीसदी मतदान हुआ था.

अधिकारी ने बताया कि कटे-कल्याण के परचेली मार्ग पर सुरक्षा बलों को एक आईईडी मिला. इसमें लगभग 200 मीटर लंबा वायर भी जुड़ा हुआ था, जिसे सुरक्षा बालों ने सर्तकता और तत्परता से निष्क्रिय कर दिया. इस मार्ग से भाजपा प्रत्याशी ओजस्वी मंडावी को भी गदापाल के मतदान केन्द्र क्रमांक-187 में मतदान करने जाना था. सुरक्षा बलों ने प्रत्याशी को संपूर्ण सुरक्षा उपलब्ध करायी. प्रत्याशी ने गदापाल के इस मतदान केन्द्र में पहुंचकर मतदान किया.

साहू ने बताया कि विधानसभा उप निर्वाचन दंतेवाड़ा में परचेली-19 सेक्टर के अंतर्गत आने वाले मतदान केन्द्र क्रमांक-175 चिकपाल के पीठासीन अधिकारी चंद्रप्रकाश ठाकुर का आज सुबह अचानक स्वास्थ्य खराब होने पर उन्हें निकटवर्ती सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कटे-कल्याण लाया गया था, जहां उपचार के दौरान सुबह छह बजे उनका निधन हो गया. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि चार स्थानों पर इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में खराबी के कारण मतदान कुछ देर तक बाधित हुआ, लेकिन बाद में मशीनों को बदलने के बाद दोबारा मतदान शुरू किया गया. क्षेत्र में नक्सली धमकी के बाद भी मतदाताओं ने मतदान में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया. कई मतदाता मतदान करने के लिए इंद्रावती नदी पारकर मतदान केंद्रों तक पहुंचे.

जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दो दिनों पहले दो नक्सलियों कंचा भीमा और नीलु ने पुलिस के सामने आत्समर्पण किया था. उन्होंने भी आज मतदान में हिस्सा लिया. उन्होंने किरंदुल क्षेत्र के गुमियापाल के मतदान केंद्र में मतदान किया है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी साहू ने बताया कि विधानसभा क्षेत्र में उप निर्वाचन के दौरान हुए मतदान की सुरक्षा के लिए अर्ध-सैनिक बलों की 58 कंपनियों तथा राज्य में उपलब्ध अन्य सुरक्षा बलों को तैनात किया गया.

मतदान केन्द्रों के आस-पास पूर्व से ही गश्त बढ़ाने के साथ-साथ जवानों की तैनाती सुनिश्चित की गयी. उपुचनाव में कुल नौ उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जबकि मुख्य मुकाबला सत्ताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के मध्य है. मतगणना 27 सितम्बर को होगी. कांग्रेस ने दंतेवाड़ा सीट के लिए देवती कर्मा पर भरोसा किया है. देवती कर्मा पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा की पत्नी है. वर्ष 2013 में झीरम घाटी हमले में नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा की हत्या कर दी थी.

वहीं, भाजपा ने विधायक रहे भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी को चुनाव मैदान में उतारा है. इस वर्ष हुए लोकसभा चुनाव के दौरान नौ अप्रैल को चुनाव प्रचार पर निकले विधायक भीमा मंडावी के वाहन को नक्सलियों ने विस्फोट कर उड़ा दिया था. इस हमले में मंडावी और चार अन्य सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गयी थी. पिछले वर्ष हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की देवती कर्मा भाजपा के भीमा मंडावी से 2172 मतों से चुनाव हार गयी थी.

इस चुनाव में दंतेवाड़ा सीट, बस्तर क्षेत्र के 12 विधानसभा सीटों में से एकमात्र ऐसी सीट थी, जिसमें भाजपा जीती थी. वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में राज्य में कांग्रेस ने 90 में से 68 सीटों पर जीत हासिल की थी. वहीं, भाजपा को 15 सीटें मिली थी, जबकि बहुजन समाज पार्टी ने दो सीटों पर तथा जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने पांच सीटों पर जीत हासिल की थी.

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