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कर्नाटक : येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने का भरोसा, अयोग्य MLA जायेंगे सुप्रीम कोर्ट

Updated at : 28 Jul 2019 5:40 PM (IST)
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कर्नाटक : येदियुरप्पा को बहुमत साबित करने का भरोसा, अयोग्य MLA जायेंगे सुप्रीम कोर्ट

बेंगलुरु : कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत से एक दिन पहले रविवार को मुख्मयंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बहुमत साबित करने का विश्वास जताया. उन्होंने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार द्वारा तैयार किये वित्त विधेयक को भी बिना किसी परिवर्तन के वह सोमवार को सदन में पेश करेंगे. येदियुरप्पा ने यहां संवाददाताओं से […]

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बेंगलुरु : कर्नाटक विधानसभा में विश्वास मत से एक दिन पहले रविवार को मुख्मयंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बहुमत साबित करने का विश्वास जताया. उन्होंने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार द्वारा तैयार किये वित्त विधेयक को भी बिना किसी परिवर्तन के वह सोमवार को सदन में पेश करेंगे.

येदियुरप्पा ने यहां संवाददाताओं से कहा, सोमवार को सौ फीसदी मैं बहुमत साबित कर दूंगा. उन्होंने कहा, वित्त विधेयक (विनियोग विधेयक) को तत्काल पारित कराने की जरूरत है अन्यथा हम तनख्वाह भी देने के लिए धन नहीं ले पायेंगे. उन्होंने कहा, इसलिए सोमवार को बहुमत साबित करने के बाद हम सबसे पहले इस वित्त विधेयक को हाथ में लेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा, मैंने उसमें कॉमा या फुल स्टॉप तक नहीं बदला है. मैं पिछली कांग्रेस जदएस सरकार द्वारा तैयार इस विधेयक को पेश करूंगा. शुक्रवार को मुख्यमंत्री का पदभार संभालने वाले येदियुरप्पा ने कहा था कि वह सोमवार को विश्वास मत हासिल करेंगे.

कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष रमेश कुमार ने रविवार को दल-बदल कानून के तहत कांग्रेस-जदएस के 14 और विधायकों को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया था जिसके साथ ही अयोग्य ठहराये गये विधायकों की संख्या अब 17 हो गयी है. इसका सोमवार को येदियुरप्पा सरकार के विश्वास मत पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा. अध्यक्ष को छोड़कर 224 सदस्यीय विधानसभा में अब संख्या बल 207 रह गया है.। मत-विभाजन की स्थिति में सत्ता पक्ष और विपक्ष को बराबर वोट मिलने पर अध्यक्ष वोट करते हैं. बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 104 है. भाजपा के पास एक निर्दलीय के समर्थन के साथ ही 106 सदस्य हैं. कांग्रेस के 66 (नामित समेत) जदएस के पास 34, बसपा के एक विधायक हैं. बसपा ने कुमारस्वामी सरकार के पक्ष में वोट नहीं करने पर अपने विधायक को निष्कासित कर दिया था. 14 माह पुरानी कांग्रेस-जदएस गठबंधन सरकार विश्वास मत खोने के बाद मंगलवार को गिर गयी थी.

दूसरी ओर कर्नाटक विधानसभा अध्यक्ष द्वारा रविवार को अयोग्य घोषित किये गये जदएस के बागी विधायक एएच विश्वनाथ ने कहा कि फैसला कानून के विरुद्ध है और वह तथा अन्य असंतुष्ट विधायक सोमवार को उच्चतम न्यायालय से संपर्क करेंगे. विधानसभा अध्यक्ष केआर रमेश कुमार ने रविवार को दल-बदल निरोधक कानून के तहत 14 और विधायकों को 2023 में वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने तक अयोग्य घोषित कर दिया जिनमें कांग्रेस के 11 और तीन जदएस के विधायक शामिल हैं. कुमार ने कांग्रेस के तीन बागी विधायकों को बृहस्पतिवार को अयोग्य घोषित कर दिया था. विश्वनाथ ने कहा, अयोग्यता विधि विरुद्ध है. मात्र उन्हें जारी व्हिप के आधार पर आप विधायकों को सदन में आने के लिए बाध्य नहीं कर सकते. विधायक ने किसी अज्ञात स्थान से कहा, अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ हम सोमवार को उच्चतम न्यायालय जा रहे हैं.

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