जो बेल पर हैं, वे एंज्वाय करें देश में इमरजेंसी नहीं : पीएम

Updated at : 26 Jun 2019 1:07 AM (IST)
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जो बेल पर हैं, वे एंज्वाय करें देश में इमरजेंसी नहीं : पीएम

नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का लोकसभा में मंगलवार को जवाब दिया. कांग्रेस के आरोपों का भी एक-एक कर जवाब दिया. कांग्रेस पर एक परिवार तक सिमटने का अरोप लगाते हुए कहा कि हम लकीर लंबी करने में विश्वास करते हैं. लोकसभा चुनाव के […]

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नयी दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का लोकसभा में मंगलवार को जवाब दिया. कांग्रेस के आरोपों का भी एक-एक कर जवाब दिया. कांग्रेस पर एक परिवार तक सिमटने का अरोप लगाते हुए कहा कि हम लकीर लंबी करने में विश्वास करते हैं.

लोकसभा चुनाव के नतीजे बताते हैं कि जनता ने सरकार की ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ नीति का अनुमोदन करार दिया है. अपने संबोधन में मोदी ने कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि हमने फलाने को जेल क्यों नहीं डाला. शायद उन्हें मालूम होना चाहिए कि यह आपातकाल नहीं है कि सरकार किसी को भी जेल में डाल दें.
यह लोकतंत्र है और न्यायपालिका इस पर फैसला करेगी. हम कानून को उसका काम करने देते हैं. यदि किसी को जमानत मिलती है, तो वह उसे एंज्वाय (आनंद)करें. बदला लेने में हम भरोसा नहीं करते. वैसे भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी रहेगी. दरअसल, चौधरी ने कहा था कि यदि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने गलती की है, तो सरकार उन्हें जेल में क्यों नहीं डाल देती?
पीएम ने अपने भाषण के दौरान कहा कि ‘जब हौसला बना लिया ऊंची उड़ान का, फिर देखना फिजूल है कद आसमान का’. उन्होंने कहा कि हम इसी मिजाज के साथ आगे बढ़ रहे हैं. अपनी सरकार ने तीन सप्ताह के भीतर लिये गये कई महत्वपूर्ण फैसले भी गिनाये. उनके जवाब के बाद सदन ने राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया.
आपातकाल का दाग मिटेगा नहीं : पीएम मोदी ने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि आज 25 जून है. 1975 में इसी दिन देश की आत्मा को कुचल दिया गया था.
मीडिया को दबोच दिया गया था. महापुरुषों को जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। पूरे देश को जेल बना दिया गया था. सिर्फ इसलिए क्योंकि किसी की सत्ता नहीं चली जाये. इस दिन का बार-बार स्मरण करते रहना जरूरी है, ताकि इस पाप के रास्ते पर चलने का कोई साहस भी नहीं कर सके. यह दाग मिटनेवाला नहीं है.
परिवार से ऊपर सोचते, तो नरसिम्हा राव और मनमोहन िसंह को भी देते भारत रत्न
विपक्ष के उस आरोप को पीएम मोदी ने खारिज किया कि पहले की सरकारों के योगदान को वह नहीं मानते. सवाल किया कि 2004 से 2014 तक शासन में बैठे लोगों ने सरकारी कार्यक्रमों में अटल बिहारी वाजपेयी की तारीफ की? नरसिम्हा राव की सरकार या अभी के भाषणों में भी किसी ने मनमोहन सिंह का नाम लिया? मैं शायद पहला प्रधानमंत्री हूं,
जिसने देश को आगे ले जाने के लिए सभी सरकारों के योगदान का जिक्र लालकिले से किया. सच तो यह है कि कुछ लोग परिवार से बाहर किसी के बारे में सोच ही नहीं सकते. वरना नरसिम्हा राव जी को , मनमोहन सिंह जी को भारत रत्न मिलता. प्रणब दा किस पार्टी के थे, किसके लिए उन्होंने जीवन खपाया? हमने देश में उनके योगदान को देखते हुए भारत रत्न दिया.
कांग्रेस पर तंज, आप इतने ऊंचे उठे कि जमीन से उखड़ गये
पीएम ने कांग्रेस के आरोपों पर कहा कि हम किसी लकीर को छोटी करने में समय बर्बाद नहीं करते. हम अपनी लकीर को लंबी करने के लिए जिंदगी खपा देते हैं. आपकी ऊंचाई आपको मुबारक, क्योंकि आप इतने ऊंचे चले गये हैं कि आपको जमीन दिखनी बंद हो गयी.
जमीन से उखड़ चुके हैं. आपको जमीन के लोग तुच्छ दिखते हैं. ऐसे में आपका और ऊंचा होना मेरे लिए अत्यंत संतोष और आनंद की बात है. मेरी कामना है कि आप और ऊंचे बढ़ें. हमारा सपना ऊंचा होने का नहीं, जड़ों से जुड़ने का है. हमारा सपना जड़ों से मजबूती पाकर देश को आगे ले जाना है. हम आपको शुभकामनाएं ही देंगे कि आप और ऊंचे, और ऊंचे जाइए.
नेहरू की बातों पर गौर करें, तो मेक इन इंडिया पर कटाक्ष नहीं करेंगे
पीएम मोदी ने मेक इन इंडिया की चर्चा करते हुए कहा कि हमारा सपना नया भारत बनाना है. हम एक सुरक्षित, सशक्त, समृद्ध, समावेशी राष्ट्र चाहते हैं, जिसका सपना देश के अनेक महापुरुषों ने देखा है. इसे पूरा करने में सभी का सहयोग जरूरी है. समय की मांग भी है. देश की अपेक्षा भी. मोदी ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू ने 1951 में कहा था कि कर्तव्यों को पहले स्वीकार करें, तो अधिकार अपने आप मिलेंगे. आइए, हम सब मिल कर एक सशक्त राष्ट्र बनाएं.
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