रामायण महाभारत के हिंसक हिंदू : सीताराम येचुरी के बयान पर रामदेव ने खोला मोर्चा, दर्ज करायी शिकायत

By Prabhat Khabar Digital Desk
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माकपा महासचिव सीताराम येचुरी के महाभारत और रामायण को लेकर 'हिंसक हिंदू' वाले बयान की योग गुरु स्वामी रामदेव ने निंदा की है. रामदेव ने येचुरी से पूछा है कि कम्युनिस्टों, ईसाइयों और मुगलों के शासन में जो निर्दोष लोगों के कत्ल किये गए, क्या उसे हिंसा और अत्याचार कहने का साहस येचुरी कर पाएंगे?

मालूमहो कि सीताराम येचुरी ने हाल ही में बयान दिया था कि रामायण और महाभारत भी लड़ाई और हिंसा से भरी हुई थीं, लेकिन एक प्रचारक के तौर आप सिर्फ महाकाव्य के तौर पर उसे बताते हैं, उसके बाद भी दावा करते हैं कि हिंदू हिंसक नहीं हैं. येचुरी ने रामायण और महाभारत का हवाला देते हुए कहा था कि फिर किसी एक धर्म को हिंसा से जोड़ने का क्या तर्क है.

येचुरी के इस बयान पर उनकी हर तरफ आलोचना हो रही है. हरिद्वार के संत समाज ने घोर आपत्ति जतायी है. इस दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जिसका नाम सीताराम हो, वही अगर भगवान राम के बारे में टिप्पणी करे और हिंदू को हिंसक बताये, तो उसे अपना नाम बदलकर रावण, कंस, बाबर, तैमूर के नाम पर रख देना चाहिए. उन्होंने कहा कि सीताराम येचुरी को संस्कृत पढ़नी चाहिए. वह वेद, भागवत, रामायण पढ़ें.

यही नहीं, योगगुरु रामदेव कुछ संतजनों के साथ एसएसपी हरिद्वार के पास गये और उन्होंने सीताराम येचुरी के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी.

इस तरह चुनावों के दौरान एक बार फिर हिंसा करनेवालों के धर्म को बहस छिड़ गई है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दावा किया था कि हजारों साल के इतिहास में हिंदू आतंकवाद की कोई घटना नहीं है. यहां तक कि अंग्रेज इतिहासकारों ने भी ऐसा नहीं लिखा है, लेकिन कांग्रेस ने हिंदू आतंकवाद का दाग लगाने का काम किया है.

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