मिशन 2019 : अमेठी के साथ-साथ वायनाड से भी राहुल लड़ेंगे चुनाव, यूपी से केरल क्यों... बीजेपी ने इसपर उठाया सवाल

Updated at : 01 Apr 2019 1:27 AM (IST)
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मिशन 2019 : अमेठी के साथ-साथ वायनाड से भी राहुल लड़ेंगे चुनाव,  यूपी से केरल क्यों... बीजेपी ने इसपर उठाया सवाल

नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में अपने पारंपरिक गढ़ अमेठी के अलावा केरल की वायनाड संसदीय सीट से भी चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने रविवार को दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की. गांधी ने पार्टी के प्रदेश इकाई के अनुरोध के बाद इस सीट से […]

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नयी दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश में अपने पारंपरिक गढ़ अमेठी के अलावा केरल की वायनाड संसदीय सीट से भी चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने रविवार को दिल्ली में संवाददाता सम्मेलन में यह घोषणा की. गांधी ने पार्टी के प्रदेश इकाई के अनुरोध के बाद इस सीट से लड़ने पर सहमति जतायी है.

वायनाड में राहुल का मुकाबला एलडीएफ के पीपी सुनीर से होगा, जो माकपा के युवा चेहरा हैं. वैसे तो भाजपा ने इस सीट को सहयोगी बीडीजेएस को आवंटित की है, लेकिन अब संभावना है कि भाजपा यहां से खुद लड़े.
कांग्रेस के इस फैसले पर भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी को आखिर केरल क्यों जाना पड़ा? सभी जानते हैं कि उनका अमेठी से ही लड़ना तय था, लेकिन अब वह केरल जाकर ध्रुवीकरण की राजनीति से जीत हासिल करना चाहते हैं.
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि सबको मालूम है कि अमेठी में इस बार उनका हिसाब-किताब चुकता होने वाला है. जहां भी जायेंगे, देश की जनता हिसाब मांगेगी. वहीं, माकपा नेता व केरल के सीएम पी विजयन ने कहा कि यह वाम दल के खिलाफ लड़ाई के सिवाय और कुछ नहीं है.
हालांकि, इस फैसले को कांग्रेस दक्षिण भारत, विशेषकर केरल में अपने जनाधार को मजबूत करने के प्रयास के तौर पर देख रही है, जहां लोकसभा की 20 सीटें हैं. इसी तरह तमिलनाडु में लोकसभा की 39 व कर्नाटक में 28 सीटें हैं.
मालूम हो कि अमेठी में भाजपा ने इस बार भी राहुल के खिलाफ केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी काे उतारा है. 2014 के लाेकसभा चुनाव में राहुल ने उन्हें 1.07 लाख वाेटाें से हराया था. राहुल की जीत का यह अंतर 2009 की तुलना में कम था. तब राहुल करीब 3.70 लाख वाेटाें से जीते थे.
दक्षिण भारत के त्रिकोणीय जंक्शन में कांग्रेस अध्यक्ष के उतरने पर माकपा ने कहा- हम राहुल को हरायेंगे
अमेठी छोड़, केरल भागे
कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति देश की सुरक्षा से खिलवाड़ पर काम करती है. राहुल ने यूपी छोड़ दी .केरल भाग गये, वह जानते हैं कि मतदाता इस बार अमेठी में उनसे हिसाब मांगेंगे.
अमित शाह , भाजपा अध्यक्ष
मोदी ने गुजरात क्यों छोड़ा
भाजपा इस सवाल का जवाब क्यों नहीं देती कि मोदीजी ने गुजरात क्यों छोड़ा और वाराणसी क्यों गये. क्या गुजरात में उनकी हालत खराब थी. भाजपा इतनी डरी हुई क्यों है.
रणदीप सुरजेवाला, कांग्रेस
उनकी मंशा अब केरल में वामदलों के खिलाफ लड़ने की है. यह भाजपा से लड़ने की कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता के उलट है, क्योंकि केरल में एलडीएफ मुख्य ताकत है. वायनाड में माकपा राहुल की हार सुनिश्चित करने के लिए काम करेगी.
प्रकाश करात, माकपा
वायनाड चुनने की वजह
1 केरल की कांग्रेस इकाई पार्टी की बेहतर इकाइयों में है. राहुल के भरोसेमंद एम रामचंद्रन व केसी वेणुगोपाल यहीं से हैं. चुनाव अभियान की बेहतर टीम होने की वजह से राहुल पूरे देश में प्रचार को स्वतंत्र रहेंगे.
2 एससी-एसटी समुदाय पर मजबूत पकड़ बनाने की कोशिश. जिले की 49.7 % हिंदू आबादी में अकेले 35.4 % आबादी एससी समुदाय की है. 7.6 % एसटी हैं. दलितों के अधिकार का मुद्दा यहां काफी मुखर है.
3 वायनाड में अल्पसंख्यकों की तादाद अच्छी खासी है. जिले में मुस्लिम 28.8 % व ईसाई 21.5% हैं. कांग्रेस को उम्मीद है कि राहुल के उतरने की वजह से उसे अल्पसंख्यकों के वोट एकतरफा रूप से मिलेंगे.
4 वायनाड केरल में है, लेकिन वह तमिलनाडु व कर्नाटक से भी घिरा है. यह तीन दक्षिणी राज्यों का त्रिकोणीय जंक्शन है. इस तरह तीन दक्षिणी राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में हौसला बढ़ाने की कवायद है.
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