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पुलवामा आतंकी हमले का मास्‍टर माइंड जैश सरगना मसूद अजहर की मौत !

Updated at : 03 Mar 2019 7:15 PM (IST)
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पुलवामा आतंकी हमले का मास्‍टर माइंड जैश सरगना मसूद अजहर की मौत !

नयी दिल्‍ली : पुलवामा आतंकी हमले का मास्‍टर माइंड जैश -ए- मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर की मौत की खबर मीडिया में चल रही है. खबर है कि मसूद अजहर की मौत 2 मार्च को इस्‍लामाबाद के आर्मी अस्‍पताल में इलाज के दौरान हो गया. हालांकि मसूद अजहर की मौत की पुष्टि पाकिस्‍तान की ओर […]

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नयी दिल्‍ली : पुलवामा आतंकी हमले का मास्‍टर माइंड जैश -ए- मोहम्‍मद के सरगना मसूद अजहर की मौत की खबर मीडिया में चल रही है. खबर है कि मसूद अजहर की मौत 2 मार्च को इस्‍लामाबाद के आर्मी अस्‍पताल में इलाज के दौरान हो गया. हालांकि मसूद अजहर की मौत की पुष्टि पाकिस्‍तान की ओर से अभी तक नहीं की गयी है. सूत्रों के हवाले से खबर है कि मसूद अजहर लीवर कैंसर से पीड़ित था.

पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वायुसेना द्वारा किये गये हवाई हमले के दौरान अजहर गंभीर रूप से घायल हो गया था. हालांकि इमरान खान कैबिनेट के विदेश मंत्री ने दावा किया था कि आतंकी कमांडर की हालत बहुत गंभीर है और उसका फिलहाल पाकिस्तान में इलाज चल रहा है. वह घर से निकलने में भी असमर्थ है.

गौरतलब हो पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले की पूरी साजिश जैश ए मोहम्‍मद ने रची थी. जिसमें मसूद अजहर की भूमिका अहम थी. मसूद ने कई बार भारत पर आतंकी हमला करने की कोशिश की और दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा हो गये.

पिछले 20 वर्षों में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे घातक आतंकवादी हमलों में पठानकोट एयरबेस, उरी में सैन्य ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला, श्रीनगर में बादामीबाग कैंट पर हमले और जम्मू कश्मीर विधानसभा के पास बम विस्फोट शामिल हैं.

24 दिसम्बर, 1999 में इंडियन एयरलाइन्स की उड़ान आईसी814 का अपहरण किये जाने पर 31 दिसम्बर, 1999 को आतंकी षडयंत्रकर्ता मसूद अजहर को भारतीय जेल से रिहा किये जाने के बाद जैश-ए-मोहम्मद का गठन किया गया था.

इस संगठन ने जम्मू कश्मीर में कई आतंकवादी हमलों को अंजाम दिया है. घाटी में अप्रैल 2000 में किये गये हमले में 30 सैनिक शहीद हो गये थे, जून 2000 में श्रीनगर के बटमालू में एक बस स्टैंड पर हुए हमले में तीन पुलिसकर्मी मारे गये थे.

एक अक्टूबर, 2001 को जम्मू कश्मीर विधानसभा पर बम विस्फोट में 31 लोगों की मौत हुई थी और 13 दिसम्बर, 2001 को संसद पर हुए हमले में नौ सुरक्षाकर्मी तथा अधिकारी मारे गये थे.

11 सितम्बर 2001 को हुए हमले के ठीक तीन महीने बाद विधानसभा पर हमला और अफगानिस्तान में तोरा बोरा की गुफाओं में लादेन पर नकेल कसने के एक हफ्ते बाद संसद पर हमला हुआ. गुलाब नबी आजाद के जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से कुछ घंटे पहले दो नवम्बर, 2005 को जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती दस्ते ने श्रीनगर के नौगाम क्षेत्र में एक शक्तिशाली कार बम हमला किया जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गये.

जैश के एक सशस्त्र समूह ने दो जनवरी, 2016 को पठानकोट एयरबेस पर हमला किया जिसमें सात सुरक्षाकर्मी शहीद हो गये थे. जैश-ए-मोहम्मद ने 18 सितम्बर, 2016 को उरी ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला किया, जिसमें 17 सैनिक शहीद हो गये थे और 30 अन्य घायल हो गये थे.

पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के सबसे बड़े शिविर पर हवाई हमला किया जिससे एक बार फिर दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति पैदा हो गई है.

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