ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश की बारी, बंगाल फतह के बाद शुभेंदु अधिकारी का बड़ा वार

Suvendu Adhikari Battle Cry: बंगाल चुनाव 2026 में ममता बनर्जी को हराने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अखिलेश यादव और राहुल गांधी पर बड़ा बयान दिया है. शुभेंदु ने 2027 यूपी चुनाव के लिए नया शंखनाद किया है. पढ़ें विशेष रिपोर्ट.
खास बातें
Suvendu Adhikari Battle Cry: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ममता बनर्जी को नंदीग्राम के बाद भवानीपुर में भी पटखनी देने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कद्दावर नेता शुभेंदु अधिकारी ने विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A) पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है.
जीत के बाद शुभेंदु का युद्ध घोष
जीत के बाद शुभेंदु ने नया युद्ध घोष (Battle Cry) जारी करते हुए कहा कि ममता बनर्जी और राहुल गांधी का दौर अब खत्म हो चुका है. भाजपा का अगला निशाना उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव हैं. शुभेंदु के इस बयान ने देश की राजनीति में खलबली मचा दी है, क्योंकि उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बंगाल की जीत अब दिल्ली और लखनऊ की राह आसान करेगी.
युद्ध घोष या बैटल क्राई क्या है?
युद्ध घोष एक जोशीला नारा या शब्द होता है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर सैनिक युद्ध के दौरान या उससे पहले जोश बढ़ाने और दुश्मन में खौफ पैदा करने के लिए करते हैं. यह सैनिकों में एकता, भाईचारा और अटूट साहस की भावना जगाता है. भारतीय सेना में हर रेजीमेंट का अपना अलग युद्धघोष होता है, जैसे ‘बजरंगबली की जय’ या ‘जय महाकाली आयो गोरखाली’ आदि.
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दीदी का राजनीतिक निर्वासन शुरू : शुभेंदु अधिकारी
भवानीपुर विधानसभा सीट पर बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी को उनके ही घर में 15 हजार से ज्यादा वोटों से हराने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा कि ममता का राजनीतिक निर्वासन शुरू हो गया है. वे 2021 में नंदीग्राम हारी थीं और अब भवानीपुर की जनता ने भी उन्हें खारिज कर दिया है.
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राहुल-तेजस्वी भी निशाने पर, मिशन यूपी 2027 का ऐलान
शुभेंदु ने जीत के बाद हुंकार भरते हुए कहा कि राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और ममता बनर्जी की राजनीति अब समाप्त हो चुकी है. शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल की धरती से सीधे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री चुनाव को लेकर चुनौती पेश की है. उन्होंने कहा- ममता-राहुल खत्म, अब अखिलेश यादव की बारी है. उनका इशारा वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की ओर था. भाजपा नेता का मानना है कि जिस तरह बंगाल ने ‘सुशासन’ को चुना, वही लहर अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का सूपड़ा साफ करेगी.
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Suvendu Adhikari Battle Cry: बलिदान को सलाम- खून और पसीने से मिली जीत
शुभेंदु ने जीत के बाद उन भाजपा कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने पिछले 5 सालों में अपनी जान गंवायी. उन्होंने कहा कि यह जीत उन परिवारों के धैर्य की है, जिन्होंने हिंसा सहने के बावजूद भगवा झंडा नहीं छोड़ा. अधिकारी ने दावा किया कि बंगाल की जनता ने घुसपैठ और तुष्टीकरण की राजनीति को हमेशा के लिए दफन कर दिया है.
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विपक्षी एकता को तोड़ने का हथियार बनेगी बंगाल की जीत
शुभेंदु अधिकारी का यह बयान संकेत दे रहा है कि भाजपा अब बंगाल की जीत को राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकता को तोड़ने के हथियार के रूप में इस्तेमाल करेगी. बंगाल के ‘जायंट किलर’ के इस नये तेवर ने विपक्षी खेमे में बेचैनी बढ़ा दी है.
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By Mithilesh Jha
मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.
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