सवर्णों को आरक्षण पर बोली भाजपा- सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी एवं ऐतिहासिक कदम

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नयी दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण के फैसले को भाजपा ने सामाजिक न्याय की दिशा में ‘क्रांतिकारी एवं ऐतिहासिक' कदम करार देते हुए कहा कि मोदी सरकार ने इस बहु प्रतिक्षित मांग को पूरा करके दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का परिचय दिया है.

भाजपा महासचिव अनिल जैन ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं उनके मंत्रिमंडल का आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को 10% आरक्षण प्रदान करने का यह निर्णय ऐतिहासिक और क्रांतिकारी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सवर्ण समाज के हित में लिए गए ऐतिहासिक फैसले का वह हृदय से स्वागत करते हैं. अब इस फैसले के बाद समाज की अंतिम कतार में बैठे देश में आर्थिक रूप से कमजोर सवर्ण परिवारों को भी सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जायेगा.

भाजपा नेता एवं उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल का यह फैसला ‘सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र का परिचायक है. यह सामाजिक न्याय की दिशा में क्रांतिकारी एवं ऐतिहासिक कदम है. उन्होंने कहा कि ऐसी मांग लंबे समय से की जा रही थी, लेकिन कोई दूसरा राजनीतिक दल इसे पूरा करने की इच्छा शक्ति नहीं जुटा पाया. यह फैसला मोदी सरकार की दृढ़ इच्छा शक्ति का परिचायक है. शर्मा ने कहा कि गरीब तो गरीब होता है, चाहे किसी वर्ग से क्यों न आता हो. इस फैसले से समाज की आखिरी कतार में बैठे लोगों को लाभ मिलेगा. यह फैसला ऐसे लोगों के मुंह पर तमाचा है जो समाज को बांटने की साजिश करते रहे हैं.

भाजपा प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने ट्वीट कर आरोप लगाया कि कांग्रेस ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को 70 साल तक वंचित रखा. प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी मन की बात सुन कर न्याय की दिशा में कदम उठाया है. भाजपा प्रवक्ता राजीव प्रताव रूढ़ी ने ट्वीट किया कि यह सबका साथ, सबका विकास के तहत सरकार की महत्वपूर्ण पहल है. उन्होंने कहा कि अब सामान्य श्रेणी के तहत आर्थिक रूप से वर्गों को शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण का फायदा मिलेगा. यह समान्य श्रेणी के ऐसे कमजोर लोगों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है जिन्हें समर्थन की जरूरत है. उल्लेखनीय है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सामान्य श्रेणी में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दे दी है. उन्होंने बताया कि सरकार मंगलवार को इस संबंध में संसद में संविधान संशोधन विधेयक ला सकती है. यह मौजूदा 50 प्रतिशत आरक्षण से अलग होगा. सामान्य वर्ग को अभी आरक्षण हासिल नहीं है.

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