Defense: मौजूदा समय में देश तेजी से मजबूत, आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनने की राह पर है. ऐसे समय में पूर्व सैनिकों का अनुभव, नेतृत्व और नैतिक मूल्य लोगों के लिए बड़ी ताकत है. समाज खासकर युवाओं को पूर्व सैनिकों से सीखने की जरूरत है. शिक्षा, कौशल विकास, आपदा प्रबंधन, सामुदायिक नेतृत्व से लेकर इनोवेशन के क्षेत्र में पूर्व सैनिकों से भावी पीढ़ी काफी कुछ सीख सकती है. बुधवार को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना वेटरन्स डे पर दिल्ली कैंट स्थित मानेकशॉ में पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए यह बात कही.
पूर्व सैनिकों के शौर्य, बलिदान और आजीवन सेवा की भावना को याद करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि श्रीलंका में शांति स्थापित करने के लिए ऑपरेशन पवन के तहत भारतीय शांति सैनिकों ने अहम रोल निभाया. लगभग 40 साल पहले भारतीय सैनिकों ने ऑपरेशन पवन के दौरान अभूतपूर्व शौर्य का परिचय दिया. इस अभियान में कई सैनिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी. कई सालों तक इन सैनिकों के शौर्य और बलिदान को वैसा महत्व नहीं दिया गया, जैसा दिया जाना चाहिए था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मौजूदा सरकार ऑपरेशन पवन के दौरान बलिदान देने वाले सैनिकों को हर स्तर पर महत्व देने का काम कर रही है.
प्रधानमंत्री ने वर्ष 2015 में श्रीलंका दौरे पर इंडियन पीस कीपिंग फोर्स मेमोरियल जाकर सैनिकों के योगदान के याद करने का काम किया था. नेशनल वॉर मेमोरियल पर भी इन सैनिकों को सम्मान देने का काम किया जा रहा है. पूर्व सैनिक राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं.
पूर्व सैनिकों के हित में हर जरूरी कदम उठा रही है सरकार
मौजूदा सरकार पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए हर स्तर पर कदम उठा रही है. वन रैंक-वन पेंशन सहित पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी सरकार की नीति साफ है. देश के लिए जीवन समर्पित करने वाले सैनिकों के स्वास्थ्य के साथ कोई भेदभाव नहीं होगा. इस सोच के साथ सरकार एक्स-सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम(ईसीएचएस) को मजबूत करने का काम कर रही है. सरकार की यह कोशिश है कि स्वास्थ्य सुविधा सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहे बल्कि यह गांवों और दूरदराज के इलाकों तक पहुंचे. टेलीमेडिसिन के जरिये स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को व्यापक बनाने का काम हो रहा है. ताकि समय पर सभी को अच्छी स्वास्थ्य सेवा का लाभ मिल सके.
पूर्व सैनिकों की सेवानिवृत्ति के बाद रोजगार मुहैया कराने के लिए भी सरकार कदम उठा रही है. पूर्व सैनिकों को कौशल विकास की ट्रेनिंग देने का काम हो रहा है. इस मौके पर पूर्व सैनिक कल्याण की सचिव सुकृति लिखी ने कहा कि हर साल लगभग 60 हजार सैनिक सेवानिवृत्त होते हैं और मौजूदा समय में देश में 35 लाख पूर्व सैनिक हैं. रक्षा मंत्रालय पूर्व सैनिकों के कल्याण के लिए हर संभव कदम उठा रहा है ताकि उन्हें तय समय पर सुविधा का लाभ मिल सके. कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख डीके त्रिपाठी, वायु सेना प्रमुख एपी सिंह और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

