भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भरोसा - 2019 के चुनाव में शिवसेना हमारे साथ रहेगी

Updated at : 19 Dec 2018 7:39 PM (IST)
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भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भरोसा - 2019 के चुनाव में शिवसेना हमारे साथ रहेगी

मुंबई : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी के साथ शिवसेना अपना गठबंधन जारी रखेगी. गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने इस साल की शुरुआत में यह घोषणा की थी कि उनकी पार्टी (शिवसेना) भविष्य में चुनाव अपने दम पर लड़ेगी. शाह ने यहां रिपब्लिक […]

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मुंबई : भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने बुधवार को कहा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी के साथ शिवसेना अपना गठबंधन जारी रखेगी. गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने इस साल की शुरुआत में यह घोषणा की थी कि उनकी पार्टी (शिवसेना) भविष्य में चुनाव अपने दम पर लड़ेगी.

शाह ने यहां रिपब्लिक समिट में यह संकेत भी दिया कि भाजपा को 2014 से पहले की तुलना में 2019 से पहले कहीं अधिक सहयोगी दल मिलेंगे. उन्होंने कहा, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राज्य स्तर पर शिवसेना नेतृत्व के साथ संपर्क में हैं. शिवसेना केंद्र और राज्य में पहले से सहयोगी दल है तथा यह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ अपना गठबंधन जारी रखेगी. राजग के सबसे पुराने घटक दल शिवसेना ने भाजपा के साथ गठबंधन कर 2014 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन उसी साल अक्तूबर में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में उससे (भाजपा से) अपना संबंध तोड़ लिया था.

दिलचस्प है कि शिवसेना मंगलवार को मुंबई महानगर क्षेत्र और पुणे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विभिन्न बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के उदघाटन कार्यक्रमों से दूर रही थी. पार्टी ने दावा किया था कि ठाकरे को इन कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था. शाह ने गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तसीगढ़ सहित कई राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ शिवसेना के अपने उम्मीदवार उतारने के कदम को तवज्जो नहीं दी. उन्होंने कहा, वह (शिवसेना) हमारे सत्ता में आने से पहले से ही उन राज्यों में अपने उम्मीदवार उतारती रही है. यह उसका स्थानीय मुद्दा है.

सीट बंटवारे को लेकर राजग के सहयोगी दलों और भाजपा के बीच मतभेदों पर लोजपा नेता चिराग पासवान के ट्वीट पर टिप्पणी करते हुए शाह ने कहा, हर पार्टी बढ़ना चाहती है. वह अपने नेताओं की हिमायत करती है. इस तरह की चीजें हर चुनाव से पहले देखने को मिलती हैं. दरअसल, चिराग ने ट्वीट किया था कि गठबंधन से तेदेपा और रालोसपा के बाहर होने के बाद राजग चौराहे पर है. अब भी समय है और यह जरूरी है कि भाजपा शेष सहयोगियों का सम्मान करे और उनकी चिंताओं को दूर करे. शाह ने कहा कि 2014 के चुनाव से पहले भाजपा के 25 सहयोगी दल थे. उन्होंने कहा, आज हमारे पास 31 सहयोगी दल हैं जिनमें छह बड़ी पार्टियां हैं. हम अब भी कुछ और पार्टियों से बातचीत कर रहे हैं. पूर्वोत्तर में हमने कई स्थानीय गैर कांग्रेस दलों से हाथ मिलाया है. उन्होंने भाजपा को राजग का केंद्र बताते हुए कहा, भाजपा राजग का केंद्रबिंदु बनी रहेगी और नरेंद्र मोदी इस गठबंधन के नेता रहेंगे.

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