ePaper

मध्‍यप्रदेश विधानसभा चुनाव : इंदौर में चौतरफा घिरी दिख रही भाजपा, अगर मालवा-निमाड़ की आधी सीटें जीत गयी कांग्रेस, तो..

Updated at : 26 Nov 2018 6:18 AM (IST)
विज्ञापन
मध्‍यप्रदेश विधानसभा चुनाव : इंदौर में चौतरफा घिरी दिख रही भाजपा, अगर मालवा-निमाड़ की आधी सीटें जीत गयी कांग्रेस, तो..

इंदौर से मिथिलेश देश के सबसे सुंदर, स्वच्छ और स्मार्ट सिटी की दौड़ में अव्वल शहर इंदौर लगातार आठ मर्तबे लोकसभा चुनाव जीतने वाली स्पीकर ताइ सुमित्रा महाजन का संसदीय क्षेत्र है. इसके अलावा दिग्गज नेता कुशाभाउ ठाकरे की कर्म भूमि, ऐतिहासिक मराठा रियासत का अंग और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मजबूत पकड़़ वाला इलाका […]

विज्ञापन

इंदौर से मिथिलेश

देश के सबसे सुंदर, स्वच्छ और स्मार्ट सिटी की दौड़ में अव्वल शहर इंदौर लगातार आठ मर्तबे लोकसभा चुनाव जीतने वाली स्पीकर ताइ सुमित्रा महाजन का संसदीय क्षेत्र है. इसके अलावा दिग्गज नेता कुशाभाउ ठाकरे की कर्म भूमि, ऐतिहासिक मराठा रियासत का अंग और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की मजबूत पकड़़ वाला इलाका भी है. इन सबके बावजूद भाजपा को इंदौर की सीटों पर जीत के लिए पसीना बहाना पड़ रहा है़ मतदान के मात्र कुछ ही घंटे शेष रह गये हैं.

भाजपा के तमाम नेताओं का यहां जमावड़ा लगा है़ भाजपा एक ओर शिवराज सरकार की उपल्ब्धियों को गिना रही है, वहीं फायर ब्रांड नेता यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के ललकार भरे भाषण से मतदाताओं में हिंदुत्व जगाने की जीतोड़ कोशिश भी कर रही है. इधर, कांग्रेस ने नोटबंदी, जीएसटी और स्मार्ट सिटी के नाम पर मकानों को तोड़े जाने को मुद्दा बनाया है़ शनिवार को महाराष्ट्र सरकार की मंत्री पंकजा मुंडे और यूपी के सीएम योगी आदित्यराज की दो-दो सभाएं हुईं.

पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पश्चिम बंगाल के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय की प्रतिष्ठा यहां दांव पर लगी है़ भाजपा ने उनकी जगह बेटे आकाश विजयवर्गीय को इंदौर-3 विधानसभा सीट से टिकट तो थमाया है, पर वह सीट विजयवर्गीय परिवार की पसंद की नहीं रही है़ कांग्रेस ने यहां से अश्विन जोशी को उम्मीदवार बनाया है़ अश्विन के चाचा महेश जोशी की गिनती दिग्गज कांग्रेस नेताओं में होती रही है़ भाजपा की परेशानी यह है कि इस बार उन्हे संघ का साथ नहीं मिल पा रहा़ कार्यकर्ताओं ने प्रचार करने से हाथ खड़े कर दिये हैं.

मध्यप्रदेश

मराठियों में है नाराजगी

यहां मराठियों की अच्छी तादाद है़ पर, एक भी मराठी मूल के नेता को टिकट नहीं मिलने से इनकी नाराजगी भाजपा के प्रति दिखती है़ पवन देवड़े कहते हैं- एक भी मराठी को भाजपा ने उम्मीदवार बनाने लायक नहीं समझा़ फंसी है कैलाश विजयवर्गीय की प्रतिष्ठा, बेटे को जिताने की चुनौती, मालवा-निमाड़ की 66 सीटों का दारोमदार है कंधों परजिले में हैं विस की नौ सीटें, अभी आठ भाजपा के पास

इंदौर जिले में विधानसभा की कुल नौ सीटें हैं. 2013 के विधानसभा चुनाव में इनमें से आठ भाजपा की झोली में गयी थीं, मात्र एक सीट पर कांग्रेस का कब्जा हुआ था़ भाजपा के दिग्गज भी स्वीकारते हैं कि इस बार परिस्थितियां बदली हुई हैं और कम से कम तीन सीटों का रुझान कांग्रेस की ओर जाता दिख रहा. कैलाश विजयवर्गीय की गिनती भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं में होती रही है़ इलाके में चर्चा है कि पार्टी ने भले ही मालवा और निमाड़ की सीटें जीतने की पूरी जिम्मेवारी उनके कंधों पर डाल रखी हो, मगर, टिकट वितरण में उनकी एक नहीं चली है़ विजयवर्गीय के लिए लक्षमण की भूमिका निभा रहे रमेश मंडोला इंदौर-2 विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola