आज ही हुआ था JK का भारत में विलय, जानें क्यों पहले मना करने वाले हरि सिंह से भारत से मांगी थी मदद...

जिस वक्त भारत को आजादी मिली उस वक्त देश में कई राजे -रजवाड़े ऐसे थे जो स्वतंत्र थे, लेकिन आजादी के बाद अधिकतर ने भारत में अपना विलय कर लिया. लेकिन कई रियासतें ऐसी थीं, जो भारत से खुद को अलग रखना चाहती थी. इनमें कश्मीर के राजा कर्ण सिंह और हैदराबाद के निजाम प्रमुख […]
जिस वक्त भारत को आजादी मिली उस वक्त देश में कई राजे -रजवाड़े ऐसे थे जो स्वतंत्र थे, लेकिन आजादी के बाद अधिकतर ने भारत में अपना विलय कर लिया. लेकिन कई रियासतें ऐसी थीं, जो भारत से खुद को अलग रखना चाहती थी. इनमें कश्मीर के राजा कर्ण सिंह और हैदराबाद के निजाम प्रमुख थे.
कौन थे महाराजा हरि सिंह
महाराजा हरि सिंह जम्मू- कश्मीर रियासत के अंतिम शासक थे. वे महाराज रणबीर सिंह के पुत्र और पूर्व महाराज प्रताप सिंह के भाई, राजा अमर सिंह के सबसे छोटे पुत्र थे. इन्हें जम्मू-कश्मीर की राजगद्दी अपने चाचा, महाराज प्रताप सिंह से विरासत में मिली थी. इन्होंने चार शादियां की थीं इनकी चौथी पत्नी तारा देवी से उन्हें एक बेटा हुआ था जिसका नाम कर्ण सिंह था. कर्ण सिंह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




