कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मोदी सरकार के खिलाफ ''नया स्वतंत्रता संग्राम'' शुरू करने का निर्णय

Updated at : 02 Oct 2018 6:04 PM (IST)
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कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में मोदी सरकार के खिलाफ ''नया स्वतंत्रता संग्राम'' शुरू करने का निर्णय

सेवाग्राम (महाराष्ट्र) : कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर मंगलवार को कहा कि ‘बंटवारे, भय और घृणा का वातावरण पैदा करनेवाली’ मोदी सरकार के खिलाफ ‘नया स्वतंत्रता संग्राम’ शुरू किया जायेगा. मुख्य विपक्षी दल की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई सीडब्ल्यूसी ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर किसानों […]

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सेवाग्राम (महाराष्ट्र) : कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) ने महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर मंगलवार को कहा कि ‘बंटवारे, भय और घृणा का वातावरण पैदा करनेवाली’ मोदी सरकार के खिलाफ ‘नया स्वतंत्रता संग्राम’ शुरू किया जायेगा.

मुख्य विपक्षी दल की शीर्ष नीति निर्धारण इकाई सीडब्ल्यूसी ने दिल्ली-उत्तर प्रदेश सीमा पर किसानों पर लाठीचार्ज की निंदा करते हुए कहा कि अन्नदाताओं पर ‘बर्बरता एवं अत्याचार’ को स्वीकार नहीं किया जा सकता और पार्टी किसानों की लड़ाई पुरजोर ढंग से लड़ेगी. कार्यसमिति की बैठक में दो प्रस्ताव पारित किये गये. पहला प्रस्ताव ‘बंटवारे, भय और बंटवारे’ के खिलाफ और दूसरा प्रस्ताव किसानों पर ‘बर्बरता’ की निंदा करते हुए पारित किया गया. कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला के मुताबिक, कार्यसमिति में पारित प्रस्ताव में कहा गया है, ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सदैव बापू की विचारधारा के विरुद्ध निरंतर षड्यंत्र किया है. कांग्रेस कार्यसमिति यह रेखांकित करती है कि आज वही पाखंडी ताकतें, सत्ता की स्वार्थ सिद्धि के लिए बापू की विचारधारा अपनाने का ढोंग रच रही है.

सीडब्ल्यूसी ने कहा, सच्चाई यह है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा नफरत, बंटवारे और घृणा का वातावरण बनाया गया था और उसी के परिणामस्वरूप राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की दुखद हत्या हुई. लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलित देते हुए कांग्रेस कार्यसमिति ने कहा, कांग्रेस कार्यसमिति ने इस बात पर जोर दिया कि ‘जय जवान, जय किसान’ एक नारा नहीं, बल्कि कांग्रेस पार्टी के लिए जीवन पद्धति का मार्ग है. उसने कहा, समय की मांग है कि एक नये स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत सेवाग्राम से हो, एक ऐसी मोदी सरकार के खिलाफ जिसने देश में बंटवारे और पूर्वाग्रह का वातावरण पैदा किया है, जिसकी राजनीति का आधार भय व डर है, जिसकी कार्यशैली ध्रुवीकरण पर आधारित है, जिसकी सोच हर आवाज को दबाने व हर विरोध का गला घोंटने की है, जिसका चरित्र हिंदुस्तान के बहुलतावाद को समाप्त कर उन्माद फैलाने का है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का परोक्ष रूप से हवाला देते हुए उसने कहा, आप बापू के चश्मे को राजनीतिक प्रचार पाने के लिए उधार तो ले सकते हैं, मगर उनके सिद्धांतों को अपनाये बिना उनके आदर्शों पर अमल नहीं कर सकते. प्रस्ताव में कहा गया है, कांग्रेस कार्यसमिति यह संकल्प लेती है कि खोखले आदर्शों व दोहरे चरित्रवाले ऐसे सब समूहों और व्यक्तियों को बेनकाब करेंगे, जिन्होंने कभी भी गांधीजी के दिखाये सच्चाई, सहिष्णुता, समरसता और अहिंसा के प्रशस्त मार्ग को नहीं अपनाया. कार्यसमिति ने कहा, महात्मा गांधी ने भारत के साम्प्रदायिक व सामाजिक सौहार्द के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. जब समूचा देश बापू की जघन्य हत्या से आहत था, उसके छह सप्ताह से भी कम समय में प्रधानमंत्री, पंडित जवाहरलाल नेहरू, कांग्रेस व देश के वरिष्ठ नेता तथा गांधीजी के सहयोगी सेवाग्राम में पुनः एकत्रित हुए और घृणा-बंटवारे के विषैले वातावरण के खिलाफ तथा देश को गांधीवादी विचारधारा पर चल एक सूत्र में बांधने का आह्वान किया.

सीडब्ल्यूसी ने कहा, पंडित नेहरू ने तब कहा था कि हर प्रकार के खतरों से लड़ना और प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना करना ही कांगेस का रास्ता है. मौजूदा परिस्थिति में पंडित नेहरू का यह संदेश कांग्रेस संगठन के लिए और अधिक प्रासंगिक है. कांग्रेस कार्यसमिति ने सभी देशवासियों, विशेषकर युवाओं का आह्ववान किया कि ‘वो भय, डर, झूठ और धोखे की राजनीति का निर्भीकता से मुकाबला करें, न झुकें, न रुकें, जब तक मंजिल प्राप्त ना हो जाये. दिल्ली के निकट किसानों पर लाठी चार्ज की घटना का हवाला देते हुए सीडब्ल्यूसी ने कहा, महात्मा गांधी की जयंती पर देश के हजारों किसान सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा कर अपनी मांगों को लेकर, मोदी सरकार के द्वार आये थे. उनकी पीड़ा की हुंकार और व्यथा की चित्कार सुनने की बजाय, अहंकारी व क्रूर मोदी-योगी सरकारों ने उनपर बर्बरतापूर्वक लाठियां भांजी.

उसने कहा, देश का किसान फसल के उचित मूल्य की मांग को ले, मोदीजी को ‘लागत जमा 50% का मुनाफा’ देने का वादा याद करवाने आया था.कर्ज के बोझ के तले दबा पीड़ित किसान पुकार-पुकार कर मोदी सरकार से कर्ज राहत की मांग कर रहा है. डीजल व खाद के आसमान छूते दामों ने किसान की कमर तोड़ डाली है. ऊपर से मोदी सरकार ने खेती पर 5% से 18% तक जीएसटी लगा दिया. न्याय मांगनेवाले किसानों पर आये दिन भाजपा सरकारें गोली चलाती है. सीडब्ल्यूसी ने कहा, कांग्रेस कार्यसमिति किसानों के ऊपर हुए लाठीचार्ज व बर्बरतापूर्ण व्यवहार की घोर निंदा करती है. महात्मा गांधी की जयंती पर किसानों पर यह अत्याचार देश बर्दाश्त नहीं करेगा. किसान कल्याण के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कटिबद्ध है तथा हम उनकी लड़ाई लड़ेंगे.

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