भारतीय सीमा में चार किमी अंदर घुसे चीनी सैनिक, अगस्त में तीन बार एलएसी का किया उल्लंघन

Updated at : 13 Sep 2018 9:19 AM (IST)
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भारतीय सीमा में चार किमी अंदर घुसे चीनी सैनिक, अगस्त में तीन बार एलएसी का किया उल्लंघन

-पीएलए ने अगस्त में तीन बार एलएसी का किया उल्लंघन नयी दिल्ली : डोकलाम विवाद के बाद चीन ने एक बार फिर भारतीय सीमा पर अतिक्रमण और घुसपैठ करने की कोशिश की है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अगस्त महीने में तीन बार लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल का उल्लंघन करते हुए उत्तराखंड के […]

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-पीएलए ने अगस्त में तीन बार एलएसी का किया उल्लंघन

नयी दिल्ली : डोकलाम विवाद के बाद चीन ने एक बार फिर भारतीय सीमा पर अतिक्रमण और घुसपैठ करने की कोशिश की है. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने अगस्त महीने में तीन बार लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल का उल्लंघन करते हुए उत्तराखंड के चमोली स्थित बाराहोती में चार किलोमीटर तक अंदर घुस गये. बाद में सीमा पर तैनात भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवानों ने विरोध जताया, तो चीनी सैनिकों को अपनी सीमा में वापस लौटना पड़ा. बाराहोती भारत-चीन सीमा की उन तीन चौकियों में से एक है, जहां आईटीबीपी के जवान बिना हथियार के पेट्रोलिंग करते हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने ये घुसपैठ 6, 13 और 15 अगस्त को की है. यानी जब हम स्वतंत्रता दिवस मना रहे थे, उस वक्त चीन सीमा पर घुसपैठ कर रहा था. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान बाराहोती के रिमखिम पोस्ट पर चीनी सेना के कुछ जवान और कुछ नागरिक दिखायी दिये थे. इस घुसपैठ पर आईटीबीपी के जवानों के विरोध के बाद चीनी सैनिक और नागरिक वापस लौट गये. हालांकि, जिला प्रशासन ऐसे किसी सूचना से इन्कार कर रहा है. आईटीबीपी की इस साल अप्रैल में आयी रिपोर्ट के मुताबिक फरवरी, मार्च और अप्रैल में चीन की सेना ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर भी घुसपैठ की थी.

डेमचोक में भी हुई घुसपैठ

इस साल अगस्त की शुरुआत में चीनी सैनिकों का एक दल लद्दाख के डेमचोक से भारतीय सीमा में करीब 400 मीटर अंदर चेरदॉन्ग-नेरलॉन्ग तक घुस आया था. यहां उसने पांच टेंट लगा दिये थे. इस पर दोनों देशों के बीच ब्रिगेडियर स्तर की वार्ता हुई थी. चीन ने भारत की आपत्ति के बाद चार टेंट हटा लिये थे. इससे पहले, बाराहोती में 2013 और 2014 में भी चीन हवाई और जमीनी रास्ते से घुसपैठ कर चुका है.

इस साल कई घटनाएं हुईं

इस साल घुसपैठ की कई घटनाएं हो चुकी हैं. आठ जुलाई को भी आधा दर्जन छोटे वाहनों में सवार 32 चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की थी. 10 जुलाई को तुनजुन ला के पास बाइक के जरिये एक चीनी सैनिक करीब 500 मीटर तक भारतीय सीमा में घुस आया था, जिसे आईटीबीपी के जवानों ने खदेड़ दिया. इसके बाद, 27 जुलाई को चीनी सेना ने बाराहोती क्षेत्र में घुसपैठ की थी. चीनी सैनिक होतीगाड़ क्षेत्र में भी करीब चार किमी तक भारतीय सीमा में घुस आये थे. इसी दिन घोड़े पर सवार कुछ चीनी सैनिक भी भारतीय सीमा में दिखे थे.

भारत की नजर में एलएसी ही आधिकारिक सीमा, चीन करता रहा है इन्कार
भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) चार हजार किमी लंबी है. भारत इसी को दोनों देशों के बीच आधिकारिक सीमा मानता है, लेकिन चीन इससे इनकार करता है. एलएसी पार करने के मुद्दे पर इस साल की शुरुआत में उत्तरी कमान के लेफ्टिनेंट जनरल रणबीर सिंह ने कहा था कि दोनों देश सीमा को अलग-अलग मानते हैं, लेकिन भारत और चीन के पास ऐसे विवादों का निबटारा करने के लिए तंत्र मौजूद है.

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