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चिल्का झील और सरदार सरोवर बांध में बनेगा एयरोड्रम, नागर विमानन मंत्री दी मंजूरी

Updated at : 11 Aug 2018 8:44 PM (IST)
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चिल्का झील और सरदार सरोवर बांध में बनेगा एयरोड्रम, नागर विमानन मंत्री दी मंजूरी

नयी दिल्ली : नागर विमानन मंत्रालय ने देश में जलाशयों में एयरोड्रम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इसके पहले चरण के लिए ओड़िशा के चिल्का झील और गुजरात के सरदार सरोवर बांध तथा साबरमती रिवर फ्रंट की पहचान की गयी है. एक अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. इस प्रस्ताव को नागर […]

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नयी दिल्ली : नागर विमानन मंत्रालय ने देश में जलाशयों में एयरोड्रम बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. इसके पहले चरण के लिए ओड़िशा के चिल्का झील और गुजरात के सरदार सरोवर बांध तथा साबरमती रिवर फ्रंट की पहचान की गयी है. एक अधिकारी ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. इस प्रस्ताव को नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने शुक्रवार को इसकी मंजूरी दी.

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नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने इस संबंध में इस साल जून में नियमन जारी किया था, जिसमें जलाशयों में बने एयरोड्रम के लाइसेंस की जरूरतों एवं प्रक्रियाओं का जिक्र किया गया था. अधिकारी ने कहा कि चूंकि किसी भी विमानन कंपनी से इस क्षेत्र में बाजार और मांग संबंधी ऐतिहासिक आंकड़े नहीं मिले हैं, इसलिए इस परियोजना पर प्रायोगिक तौर पर काम किया जायेगा. इससे हवाई संपर्क को विस्तृत करने के लिए एम्फीबियन विमानों (जल एवं स्थल दोनों से उड़ान भरने में सक्षम) के परिचालन का रास्ता तैयार होगा. प्रस्ताव के तहत पर्यटन तथा धार्मिक महत्व के स्थानों के नजदीक ऐसे एयरोड्रम बनाये जायेंगे.

भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने इसके लिए ओड़िशा, गुजरात, असम, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश में जगहों की पहचान पहले ही कर ली है. अधिकारी ने कहा कि पहले चरण में जलाशयों में एयरोड्रम बनाने के लिए ओड़िशा में चिल्का झील तथा गुजरात में सरदार सरोवर बांध और साबरमती रिवर फ्रंट की पहचान की गयी है.

इससे पहले नागर विमानन सचिव आरएन चौबे ने भी कहा था कि उनका मंत्रालय उड़ान योजना के तीसरे चरण के तहत सीप्लेन का परिचालन शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है. डीजीसीए के अनुसार, जलाशय में बने एयरोड्रम के लिए आवेदन करने वाले किसी भी निकाय को रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय और नौवहन मंत्रालय समेत विभिन्न प्राधिकरणों की मंजूरी लेनी होगी. यह लाइसेंस दो साल के लिए वैध होगा.

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